डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, इंसान और जानवर का भेद नहीं पहचानता IED.. मिलने पहुंचे थे घायल आदिवासी युवक से
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी
बीजापुर: कुछ दिन पहले एक आदिवासी युवक नक्सलियों के बिछाएं आईईडी की चपेट में आ गया था। इस हादसे में युवक बुरी तरह से जख्मी हुआ था जिसके बाद उसे नक्सलियों ने बंधक बना लिया था। (Bastar करीब 17 दिनों तक अपने कब्जे में रखने के बाद नक्सलियों ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद गंभीर हालत में उसे बीजापुर के अस्पताल में दाखिल कराया गया था। वही अब आदिवासी युवक को बेहतर उपचार के लिए रायपुर लाया गया हैं। यहाँ प्रशासन की देखरेख में चिकित्सकों की टीम युवक के उपचार जुटी हुई हैं

घायल युवक से भेंट करने प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा अस्पताल पहुंचे थे। यहाँ उन्होंने युवक से भेंट की और डॉक्टर्स की टीम को बेहतर उपचार के निर्देश भी दिए। इस भेंट के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत की।

डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि जंगलों में लगी आईईडी किसी को नहीं पहचानती हैं। यही वजह हैं कि इसकी चपेट में आकर इंसान और जानवर दोनों ही घायल हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि बस्तर के गाँवों के विकास में यह आईईडी ही सबसे बड़ी बाधा हैं। बस्तर के सड़कों में आईईडी बिछे हुए है।

क्या था मामला
बता दें कि ग्राम कचिलवार थाना नैमेड निवासी गुड्डू लेकाम निजी काम से चेरला तेलंगाना गया हुआ था और 11 मार्च को वापस अपने घर ग्राम कचिलवार थाना नैमेड आने के लिए पैदल ही जंगल के रास्ते वापस निकला था। जब वह इतावर गांव के पास पहुंचा ही था कि नक्सलियों द्वारा पुलिस को नुकसान पहुंचाने की नियत से लगाए गए आईडी बम की चपेट में आ गया और बुरी तरह से घायल हो गया। घायल होने के बाद माओवादी घायल गुड्डू को बंधक बना लिया। 28 मार्च को रिहाई के बाद गुड्डू को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वही अब उसका इलाज राजधानी के अस्पताल में जारी हैं।






