बिलासपुर रेलवे स्टेशन मे क्यूआर कोड स्कैनिंग डिवाइस ने आसान की भुगतान सुविधा, सफल रहा प्रयोग
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बी के चौधरी
सफल रहा बिलासपुर रेलवे स्टेशन के एक काउंटर में प्रयोग, 20 स्टेशनों में आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन चिल्हर की समस्या खत्म अब अन्य काउंटरों राहत देने की तैयारी
20 स्टेशनों में आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन
चिल्हर की समस्या खत्म अब अन्य काउंटरों

बिलासपुर। रेलवे ने कैशलेस सुविधा में एक और कदम बढ़ाया है। जोनल स्टेशन स्थित यूटीएस के सात नंबर काउंटर में क्यूआर कोड स्कैनिंग डिवाइस लगाई गई है। रेलवे की इस सुविधा ने भुगतान व्यवस्था के आसान कर दी है। अब धीरे-धीरे सभी काउंटर और मंडल के अन्य स्टेशनों में भी इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है।





डिजिटल टिकटिंग मोड को प्रोत्साहित करने, सेल्फ टिकटिंग को बढ़ावा देने तथा यात्री कतारों की परेशानी का सामना किए बिना टिकट खरीद सके। इसी उद्देश्य से से रेलवे प्रशासन द्वारा स्टेशनों में आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम), यूटीएस मोबाइल एप की सुविधा प्रदान की गई है।
इसके साथ ही मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों के आरक्षित एवं अनारक्षित टिकटों के लिए यूपीआई आइडी के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। डिजिटल भुगतान की सुविधा को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिलासपुर स्टेशन के अनारक्षित टिकट काउंटर नंबर सात पर क्यूआर कोड स्कैनिंग डिवाइस की सुविधा दी गई है। जिसके माध्यम से यात्रियों द्वारा जनरल (अनारक्षित) टिकट का भुगतान अब क्यूआर कोड स्कैनिंग डिवाइस से किया जा रहा है। यात्रियों को क्यूआर कोड स्कैनिंग डिवाइस से आसान डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल रही है।
रेलवे ने एक काउंटर पर केवल प्रयोग के तौर पर प्रारंभ किया है। यह प्रयोग सफल रहा। इस काउंटर पर अधिकांश यात्री क्यूआर कोड से ही भुगतान कर रहे हैं। भुगतान के साथ- साथ यात्रियों यह भी कह रहे हैं कि वर्तमान में आधुनिक सुविधाओं का समय है। आरक्षण केंद्र में तो आनलाइन पेमेंट की सुविधा थी। लेकिन, जनरल टिकट काउंटर में आसान भुगतान सुविधा का यात्रियों को इंतजार था। अब जाकर रेलवे ने इसे मुहैया कराई है।
20 स्टेशनों में आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन
बिलासपुर रेल मंडल के 20 स्टेशनों में आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) की सुविधा उपलब्ध है। इन मशीनों से यात्री बिना लाइन लगे सरलतापूर्वक क्यूआर कोड एवं आर-वालेट के माध्यम से भुगतान कर किसी भी स्टेशन का जनरल (अनारक्षित) टिकट प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह यूटीएस आन मोबाइल एप के माध्यम से टिकट बुक करके लाइन में लगने के झंझट से छुटकारा पा सकते है। आर-वालेट से भुगतान करने पर तीन फीसद अतिरिक्त बोनस भी मिलता है। इन माध्यमों से टिकट बुक करने पर यात्रियों को टिकट काउंटर की लाइन से निजात मिल रही है।


वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विकास कुमार कश्यप ने बताया कि क्यूआर कोड, यूपीआइ, एटीवीएम व यूटीएस आन मोबाइल एप से यात्रियों को बिना लाइन लगे त्वरित टिकट मिलने के साथ ही आसान डिजिटल भुगतान की सुविधा तो मिल ही रही है। इसके साथ ही खुल्ले की दिक्कत भी खत्म हो गई है। चिल्हर की वजह से अक्सर यात्री व कर्मचारियों की बीच झंझट होती थी। अब ऐसी समस्याएं नहीं आतीं।





