वनकर्मियों के स्मार्ट स्टिक में टार्च, सायरन के साथ करंट की सुविधा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान
कोरबा- वनकर्मी बांस के डंडे के सहारे जंगल में सर्चिंग करते हैं, उन्हें हाथियों व अन्य जानवरों के उत्पात की सूचना पर मौके पर भी पहुंचना पड़ता है। अब ये वनकर्मी स्मार्ट स्टिक से लैस हो रहे हैं। अचानक जंगली जानवरों से सामना हो जाने पर उनसे निपटने में स्टिक उपयोगी साबित होगी। इसमें आपातकालीन स्थिति के लिए पैनिक बटन है, जिसे दबाने से तेज सायरन की आवाज निकलेगी। जो जानवरों को खदेड़ने के साथ ही सहयोगी कर्मियों को सतर्क करने में सहायक होगी।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले का कटघोरा, लेमरू व जटगा-पसान क्षेत्र सर्वाधिक हाथी प्रभावित क्षेत्रों में से एक हैं। पिछले 15 साल से भी अधिक समय से हाथी-मानव द्वंद की स्थित बनी हुई है। वर्तमान में केंदई वन परिक्षेत्र में 48 हाथी भ्रमण कर रहे हैं। अलग- अलग तीन दल में बंटे हाथी वन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच जाते हैं। मकान में रखे धान व महुआ खाने मकान को भी क्षतिग्रस्त कर रहे। इस दौरान कई बार ग्रामीण भी हाथी की चपेट में आ आते हैं और जान चली जाती है। हाथियों की समस्या से निजात पाने के लिए रास्ता नहीं सूझने पर कई बार ग्रामीण भी खेत में करंट प्रवाहित तार लगा व जहर देकर हाथियों की जान खतरे में डाल देतें हैं। ऐसी परिस्थिति में वन विभाग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
सूचना मिलने पर खतरा मोल लेकर मौके पर मोर्चा संभालना पड़ता है। रात हो या दिन वन कर्मियाें के दल को निगरानी करनी पड़ती है। इस दौरान हथियार के रूप में उपयोग करने स्मार्ट स्टिक उन्हे उपलब्ध कराया गया है। राज्य वन संरक्षक कार्यालय के माध्यम से दिल्ली की क्वारी इनोवेशंस प्रायवेट लिमिटेड से इसकी खरीदी की गई है। कोरबा वन मंडलाधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि वर्तमान में 10 स्टिक ही खरीदे गए हैं और वन परिक्षेत्राधिकारी केंदई कार्यालय में रखा गया है। यहां से आवश्यक पड़ने पर हाथी प्रभावित क्षेत्रों के वन कर्मियों को इसे उपलब्ध कराया जाता है। इसकी खूबी यह है कि स्टिक से तेज रोशनी भी निकलेगी, जिससे खतरनाक वन्यजीवों को दूर तक खदेड़ने में भी आसानी होगी और पीड़ितों की जान बचाई जा सकेगी। इसमें सोलर फेंसिंग की तरह करंट के झटके की भी सुविधा है। जंगल में यदि मोबाइल बैटरी डिस्चार्ज हो जाए तो इसका पावर बैंक की तरह उपयोग किया जा सकता है। परिणाम बेहतर रहे तो वृहत स्तर पर क्रय कर वन कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा।
वजन डेढ़ किलो, 720 घंटे बैटरी बैकअप
स्मार्ट स्टिक की बाडी 6063 ग्रेड के एल्युमिनियम से बना है। यह हलका और बहुत मजबूत है। साथ ही वाटरप्रूफ भी है। इसमें लीथियम आयन बैटरी लगी है। एक बार चार्जिंग करने से 720 घंटे यंत्र चलता है। स्टिक चार फीट छह इंच लंबा है। वजन लगभग डेढ़ किलोग्राम है। छोटे जानवरों के लिए सोलर फेंसिंग की तरह करंट का झटका बटन दबाने पर लगेगा। स्टिक के अंतिम छोर से करंट निकलेगा और इससे जानवरों को काई नुकसान नहीं होगा। एक स्टिक की कीमत 25,000 रूपये बताई जा रही ।
वनकर्मियों का बढ़ेगा मनोबल, कार्यक्षमता में भी होगी वृद्धि
हाथी के रेस्क्यू के दौरान करंट से झटका का विकल्प काम नहीं आएगा। रात को हाथियों को खदेड़ने तेज हाई मास्क लाइट की रोशनी व तेज आवाज सायरन कारगर साबित होगा। पहले केवल एक डंडा ही वन कर्मियों के लिए एकमात्र विकल्प था। अब स्मार्ट स्टिक उपलब्ध होने से वन कर्मियों का मनोबल बढ़ा है। कार्यक्षमता में भी वृद्धि होने की उम्मीद वन विभाग के अधिकारियों को है।





