रेलवे पटरी पर ट्रेन ईंधन से नहीं बल्कि बिजली से चलने लगेगी

रिपोर्टर आसिफ खान, वीरेन्द्र चौधरी की रिपोर्ट भिलाई दुर्ग से,

रेलवे पटरी पर ट्रेन ईंधन से नहीं बल्कि बिजली से चलने लगेगी। उम्मीद है कि रेलवे नए साल में बिजली से ट्रेन चलाने की पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर सकती है।

बालोद. जिले की रेलवे पटरी पर ट्रेन ईंधन से नहीं बल्कि बिजली से चलने लगेगी। उम्मीद है कि रेलवे नए साल में बिजली से ट्रेन चलाने की पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर सकती है। रेलवे विभाग ने पहले चरण में मरोदा से दल्लीराजहरा तक विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया है। वर्तमान में कभी-कभी इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चल रही है।

बीते साल बिजली से ट्रेन चलाने की मिली थी अनुमति
बीते साल कोलकाता के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी टीम, बिलासपुर बोर्ड, रायपुर रेल मंडल से अनुमति मिलने के बाद बालोद रैक पाइंट तक डीजल के बजाय बिजली से मालगाड़ी चलाने अनुमति दी थी। हालांकि अब भी अधिकांश मालगाड़ी व यात्री ट्रेन डीजल से ही चल रही है। दल्लीराजहरा में लोडिंग के लिए ट्रांसफॉर्मर लगेगा। इसके बाद ही अनुमति दी जाएगी। रेलवे ने वर्तमान में जिला मुख्यालय में ही विद्युत सिस्टम के लिए वर्कशॉप यूनिट सेंटर डाला है। यहीं से बिजली कंट्रोल होंगी।

दूसरे चरण में दल्लीराजहरा से आगे तक होगा विद्युतीकरण
विद्युतीकरण का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। प्रथम चरण में मरोदा से दल्लीराजहरा तक विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। कभी-कभी बिजली से ट्रेन चल रही है। दूसरे चरण में दल्लीराजहरा, भानुप्रतापपुर, केवटी, अंतागढ़, तोड़की तक विद्युतीकरण की प्रक्रिया कर सकती है।

टीम ने ट्रायल के बाद दी थी अनुमति
बीते साल कोलकाता से टीम आई थी पहले विद्युत से ट्रेन चलाने का ट्रायल किया था सफल होने के बाद ही रेलवे ने मालगाड़ी चलाने की अनुमति दी। अब रेलवे की योजना है कि सभी ट्रेन बिजली से चलाई जाए।

ट्रेन बिजली से चलेगी तो बचेगा ईंधन

बिजली से ट्रेन चलेगी तो ईंधन और समय की बचत भी होगी। क्योंकि ट्रेन तेजी चलेगी एवं ईंधन से पर्यावरण सुरक्षित रहेगा प्रदूषण नहीं होगा।