अब घर बैठे होगी पार्सल की बुकिंग! रेलवे ने लॉन्च किया ‘रेल पार्सल ऐप’, जानिए क्या हैं इसकी खास सुविधाएं
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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अब घर बैठे होगी पार्सल की बुकिंग! रेलवे ने लॉन्च किया ‘रेल पार्सल ऐप’, जानिए क्या हैं इसकी खास सुविधाएं
बिलासपुर: रेलवे ने पार्सल सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब ग्राहकों को अपना पार्सल लेकर रेलवे पार्सल कार्यालय जाने और लंबी कागजी औपचारिकताओं के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिलने वाली है। इसके लिए रेलवे ने ‘रेल पार्सल ऐप – घर से घर तक’ विकसित किया है, जो एंड्राइड, आईओएस और वेबसाइट तीनों माध्यमों पर उपलब्ध होगा।

क्या है ‘घर से घर तक’ सेवा की प्रक्रिया?
इस ऐप के जरिए ग्राहकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक्स सर्विस मिलेगी। प्रक्रिया बेहद आसान है:
पिकअप: रेलवे से जुड़े लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता ग्राहक के घर या प्रतिष्ठान से खुद पार्सल पिक करेंगे।
परिवहन: रेलवे उस पार्सल को सुरक्षित ट्रेन द्वारा गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाएगा।
डिलीवरी: गंतव्य स्टेशन पर उतरने के बाद, लॉजिस्टिक्स पार्टनर उसे सीधे प्राप्तकर्ता के पते पर पहुंचाएगा।
शुरुआती चरण में यह सुविधा देश के आठ बड़े शहरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु एवं पुणे में लागू की जा रही है। इसके बाद चरणबद्ध विस्तार के तहत इसमें छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर, कोरबा और दुर्ग जैसे शहर भी शामिल किए जाएंगे।
ऐप की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं
ऑनलाइन बुकिंग और स्लॉट: ग्राहक मोबाइल नंबर से रजिस्टर करके पार्सल विवरण, प्रस्थान और गंतव्य दर्ज कर सकते हैं। पिकअप और डिलीवरी सेवाएं पूरी तरह वैकल्पिक होंगी और ग्राहक अपनी सुविधा का समय-स्लाट चुन सकेंगे।
पैकिंग व डिजिटल फॉरवर्डिंग: पैकिंग और भंडारण जैसी अतिरिक्त सेवाएं भी वैकल्पिक रूप से मिलेंगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि ऐप पर दर्ज बुकिंग विवरण ही डिजिटल फारवर्डिंग नोट माना जाएगा, जिससे भौतिक पार्सल वे-बिल की जरूरत नहीं होगी।
एक ही भुगतान में सभी सेवाएं: रेल भाड़ा, पिकअप-डिलीवरी शुल्क और अन्य सभी सेवाओं का भुगतान एक ही ट्रांजैक्शन में यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए किया जा सकेगा।
रियल-टाइम ट्रैकिंग: हर पार्सल को 10 अंकों का विशिष्ट ट्रैकिंग नंबर मिलेगा। पार्सल लोड होने, ट्रेन के पहुंचने और डिलीवरी होने की स्वचालित सूचना मोबाइल और ऐप पर मिलेगी।
ओटीपी आधारित सुरक्षित डिलीवरी: पार्सल की डिलीवरी पूरी तरह सुरक्षित होगी, जो ओटीपी सत्यापन के बाद ही दी जाएगी।
बीमा विकल्प: रेल परिवहन के दौरान रेलवे नियमों के अनुसार पार्सल का मूल्य घोषित करने और बीमा कराने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
बुकिंग और रद करने के नियम
ग्राहक ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से अधिकतम 15 दिन पहले से लेकर न्यूनतम एक दिन पहले तक पार्सल की बुकिंग कर सकते हैं। यदि कोई ग्राहक पिकअप से पहले बुकिंग रद्द करता है, तो नियमानुसार राशि रिफंड कर दी जाएगी। हालांकि, पिकअप-डिलीवरी शुल्क की वापसी संबंधित लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता की नीति के अनुसार होगी, जिसकी जानकारी बुकिंग के समय ही मिल जाएगी।
किसे मिलेगा फायदा?
इस अत्याधुनिक डिजिटल पहल से ग्राहकों का समय और श्रम दोनों बचेगा। इससे छोटे व्यापारियों, किसानों और ई-कॉमर्स विक्रेताओं को व्यापार करने में सुगमता होगी, साथ ही व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।





