प्रदेश में दौड़ेगी ई-गाड़ियों की रफ्तार: हर 25 किमी पर खुलेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन, केंद्र देगा 80% तक अनुदान
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान की रिपोर्ट
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प्रदेश में दौड़ेगी ई-गाड़ियों की रफ्तार: हर 25 किमी पर खुलेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन, केंद्र देगा 80% तक अनुदान
रायपुर। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की योजना तैयार कर ली है। केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत नगर निगम क्षेत्रों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए 25 से 30 नए चार्जिंग स्टेशन और चार्जिंग प्वाइंट प्रस्तावित किए गए हैं, जिनके लिए जगह के चयन की प्रक्रिया जारी है।
प्रस्तावित नए चार्जिंग स्टेशनों की क्षमता 144 किलोवाट होगी। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में फिलहाल करीब 2.5 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया-चारपहिया वाहन पंजीकृत हैं, जबकि सक्रिय चार्जिंग स्टेशनों की संख्या महज 50 के आसपास है (इनमें से अधिकांश रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में स्थित हैं)। इसके अलावा प्रदेश में 600 ईवी डीलर भी पंजीकृत हैं।
छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में बड़ा संशोधन
आवास एवं पर्यावरण विभाग ने नियमों में संशोधन कर अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत हाईवे, सड़कों और शहरी इलाकों के लिए नए मानक तय किए गए हैं:
दूरी और चौड़ाई के मानक: हाईवे और प्रमुख सड़कों पर हर 25 किमी पर चार्जिंग सेंटर बनाए जाएंगे। 30 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर सेंटर की अनुमति नहीं होगी। पुराने शहरों में विशेष परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से छूट मिल सकेगी।
तेज चार्जिंग व न्यूनतम चार्जर: प्रत्येक सेंटर पर कम से कम 2 चार्जर अनिवार्य होंगे। भारी और लंबी दूरी के वाहनों के लिए हर 100 किमी पर फास्ट चार्जिंग की व्यवस्था होगी।
बैटरी स्वैपिंग (बदलने) स्टेशन: इसके लिए कम से कम 5.5 मीटर लंबाई और 2.76 मीटर चौड़ाई की जगह अनिवार्य होगी।
सुरक्षा और बिजली: चार्जिंग सेंटर शुरू करने के लिए अग्निशमन (Fire) और सुरक्षा विभाग की एनओसी जरूरी होगी। सर्विस प्रदाता कंपनी को 24 घंटे बिजली व मीटरिंग सुविधा देनी होगी।
सीएनजी और डिजिटल संचार के लिए नए नियम
सीएनजी मदर स्टेशन: इसके लिए कम से कम 1080 वर्गमीटर (36m × 30m) जमीन जरूरी होगी। इन्हें हाईवे, औद्योगिक विकास केंद्रों, माल परिवहन क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों के किनारे बनाया जा सकेगा।
इन-बिल्डिंग डिजिटल संचार: भवनों के भीतर मोबाइल और डिजिटल नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए इन-बिल्डिंग डिजिटल संचार व्यवस्था के प्रावधान भी नियमों में जोड़े गए हैं।
केंद्र सरकार करेगी भारी भरकम आर्थिक मदद
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत नेटवर्क विस्तार में राज्य को बड़ा वित्तीय सहयोग मिलेगा:
विद्युत अधोसंरचना लागत: 80% अनुदान केंद्र सरकार देगी।
चार्जिंग मशीन व उपकरण लागत: 70% अनुदान केंद्र द्वारा मिलेगा।
शेष राशि की व्यवस्था संबंधित नगर निगम, जिला कलेक्टर के समन्वय से स्थानीय वित्तीय स्रोतों के जरिए करेंगे।





