दुर्ग की आधी आबादी को मिलेगी लो प्रेशर से राहत: 24 MLD फिल्टर प्लांट में लगेंगे 90 HP के 3 नए मोटर-पंप, नवंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग की आधी आबादी को मिलेगी लो प्रेशर से राहत: 24 MLD फिल्टर प्लांट में लगेंगे 90 HP के 3 नए मोटर-पंप, नवंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य
दुर्ग। शहर की लगभग आधी आबादी को लंबे समय से परेशान कर रही पेयजल की ‘लो प्रेशर’ समस्या से जल्द ही स्थायी निजात मिलने जा रही है। नगर निगम प्रशासन 24 एमएलडी (MLD) इंटकवेल और फिल्टर प्लांट में सालों पुराने और कमजोर हो चुके मोटर-पंपों की जगह 90-90 एचपी (HP) के तीन नए शक्तिशाली पंप लगाने जा रहा है। निगम के विशेष ऑर्डर पर तीनों नए हैवी मोटर-पंप बनकर तैयार हो चुके हैं। फिलहाल बारिश का मौसम खत्म होने और पानी की मांग कम होने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि शटडाउन लेकर इन्हें स्थापित किया जा सके।
24 MLD प्लांट पुराना होने से आ रही थी समस्या
दुर्ग शहर में जलापूर्ति के लिए 11, 24 और 42 एमएलडी क्षमता के तीन इंटकवेल व फिल्टर प्लांट संचालित हैं। इनमें से 24 एमएलडी प्लांट काफी पुराना है। यहाँ लगे 6-6 पंपों की कार्यक्षमता लगातार घट रही थी। नतीजा यह हो रहा था कि नदी स्थित इंटकवेल से फिल्टर प्लांट और वहां से पानी की टंकियों तक पानी पहुँचने में सामान्य से अधिक समय लग रहा था। कई बार टंकियां पूरी नहीं भर पाती थीं, जिससे आधा शहर सालभर कम दबाव (लो प्रेशर) से पानी मिलने की समस्या से जूझता था।
पहले चरण में 3 पंप बदलेंगे
समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने चरणबद्ध तरीके से पुराने पंपों को बदलने की योजना बनाई है:
फरवरी में दिया गया था ऑर्डर: हैवी मोटर-पंप होने के कारण कंपनियां इन्हें स्पेशल ऑर्डर पर बनाती हैं। निगम द्वारा फरवरी में दिए गए ऑर्डर के बाद अब तीन पंप बनकर तैयार हैं।
प्रथम चरण: इसमें इंटकवेल के 2 और फिल्टर प्लांट का 1 पंप बदला जाएगा।
आगे की योजना: महापौर अलका बाघमार ने बताया कि पहले चरण के तीन पंप सफलतापूर्वक स्थापित होने के बाद शेष बचे पुराने पंपों को बदलने की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
बारिश के बाद नवंबर तक पूरा होगा काम
जल विभाग की एमआईसी प्रभारी लीना देवांगन ने जानकारी दी कि नए पंपों को स्थापित करने के लिए कम से कम दो दिनों का शटडाउन (सप्लाई बंद) लेना पड़ेगा। बारिश के मौसम में जलापूर्ति रोकना व्यावहारिक नहीं होगा, इसलिए बारिश खत्म होने और ठंड की शुरुआत का इंतजार किया जा रहा है, जब पानी की खपत में कमी आती है। निगम का लक्ष्य है कि नवंबर महीने तक पंप बदलने का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
इन वार्डों को मिलेगा सीधा फायदा
24 एमएलडी फिल्टर प्लांट से दुर्ग शहर के वार्ड क्रमांक 5 से 36 तथा वार्ड 40 से 45 (जिसमें पटरीपार का बड़ा क्षेत्र भी शामिल है) में जलापूर्ति की जाती है। पंप बदलने के बाद इन सभी वार्डों के रहवासियों को पर्याप्त दबाव के साथ नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।





