रायपुर प्रेस क्लब में सियासी संग्राम: PM आवास योजना पर 80 मिनट तक भिड़े भूपेश बघेल और विजय शर्मा, बाहर कार्यकर्ताओं में जमकर चले लात-घूंसे

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

**************************************

 

 

रायपुर प्रेस क्लब में सियासी संग्राम: PM आवास योजना पर 80 मिनट तक भिड़े भूपेश बघेल और विजय शर्मा, बाहर कार्यकर्ताओं में जमकर चले लात-घूंसे

रायपुर,छत्तीसगढ़ की राजनीति में पहली बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के दो बड़े दिग्गज नेता मंच पर आमने-सामने आए। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित लाइव डिबेट में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) को लेकर 1 घंटे 20 मिनट तक तीखी बहस चली। दोनों नेताओं ने आंकड़े पेश करते हुए एक-दूसरे पर जमकर वार-पलटवार किए, वहीं डिबेट खत्म होते ही प्रेस क्लब के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।

PM आवास के आंकड़ों पर आर-पार

विजय शर्मा का दावा: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे ज्यादा पीएम आवास बनाए हैं। कांग्रेस सरकार ने 5 साल में केवल ₹3,900 करोड़ की स्वीकृति दी और 3 लाख घर बनाए, जबकि साय सरकार ने मात्र ढाई साल में ₹16,000 करोड़ खर्च किए और 18 लाख मकान स्वीकृत किए। विजय शर्मा ने बघेल के दावों को नकारते हुए कहा कि “सच्चाई जाननी है तो AI टूल Grok से पूछ लीजिए, सच सामने आ जाएगा।”

भूपेश बघेल का पलटवार: पूर्व सीएम ने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में लगभग 7 लाख मकान स्वीकृत हुए थे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार से फंड नहीं मिला और पोर्टल भी बंद कर दिया गया था। वित्तीय संकट के बावजूद राज्य सरकार ने RBI से लोन लेकर काम चलाया। बघेल ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा— “अगली बार किसी समझदार को भेजना, छोटा रिचार्ज रील के लिए ही ठीक है।”मुद्दाविजय शर्मा (भाजपा) का पक्षभूपेश बघेल (कांग्रेस) का पक्ष

स्वीकृति / निर्माणसाय सरकार ने 18 लाख आवास स्वीकृत किए; 17.75 लाख पूर्ण।कांग्रेस कार्यकाल में 6.97 लाख आवास स्वीकृत किए गए।

फंड व बजटभाजपा ने ढाई साल में ₹16,000 करोड़ खर्च किए।कोरोना काल में केंद्र ने राशि नहीं दी; RBI से लोन लेना पड़ा।

पोर्टल विवादपोर्टल कभी बंद नहीं था, कांग्रेस ने जानबूझकर डेटा नहीं डाला।2022-23 में केंद्र सरकार ने पोर्टल बंद कर दिया था।प्रेस क्लब के बाहर हंगामा और पुलिस से झड़प

डिबेट खत्म होते ही प्रेस क्लब के बाहर दोनों पार्टियों के समर्थकों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। विवाद शांत कराने पहुंची पुलिस के साथ भी कार्यकर्ताओं ने हाथापाई की, जिसमें एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) की वर्दी का बटन और बैज टूट गया।

अव्यवस्था पर भड़के पत्रकार

कार्यक्रम के दौरान रायपुर प्रेस क्लब में अव्यवस्था और बैठने की उचित जगह न मिलने पर वरिष्ठ पत्रकारों ने कड़ी नाराजगी जताई। भूपेश बघेल ने भी आरोप लगाया कि उन्हें डिबेट की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और वे नाश्ता छोड़कर मौके पर पहुंचे, जबकि कांग्रेसियों को बलपूर्वक बाहर रोका गया।