मूलभूत सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरे स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र, दुर्ग-पाटन मार्ग पर घंटे भर रहा चक्काजाम
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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मूलभूत सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरे स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र, दुर्ग-पाटन मार्ग पर घंटे भर रहा चक्काजाम
दो साल से शौचालय और बाउंड्रीवॉल का इंतजार, परेशान छात्राओं ने गेट पर ताला जड़ जताया विरोध
अधिकारियों के 10 दिनों में निर्माण कार्य शुरू कराने के आश्वासन के बाद शांत हुआ आंदोलन
दुर्ग:दुर्ग जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (माध्यमिक शाला, हिंदी माध्यम) में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से तंग आकर विद्यार्थियों के सब्र का बांध टूट गया। मंगलवार को स्कूल परिसर में शौचालय और सुरक्षा बाउंड्रीवॉल न होने से नाराज छात्र-छात्राओं ने दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।
स्कूल गेट पर ताला जड़ सड़क पर बैठे विद्यार्थी
प्रदर्शन की शुरुआत सुबह स्कूल खुलने से पहले ही हो गई। विद्यार्थियों ने एकजुट होकर मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और विरोध जताते हुए सीधे सड़क पर बैठ गए। इसके चलते दुर्ग-पाटन मार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
203 बच्चों के भविष्य पर सवाल, छात्राओं के लिए शौचालय तक नहीं
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल में कक्षा 6वीं से 8वीं तक कुल 203 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें छात्र और छात्राओं की संख्या लगभग बराबर है। वर्ष 2023 में 44 लाख रुपये की लागत से 5 अतिरिक्त कमरों का निर्माण तो कराया गया था, लेकिन शौचालय और परिसर की घेराबंदी को नजरअंदाज कर दिया गया।
सुरक्षा का अभाव: बाउंड्रीवॉल न होने से बाहरी असामाजिक तत्व स्कूल परिसर में खड़ी विद्यार्थियों की साइकिलों के टायर फाड़ देते हैं या उन्हें पंचर कर देते हैं।
छात्राओं की पीड़ा: छात्रा किंजल कुर्रे ने बताया कि पिछले दो वर्षों से शौचालय न होने के कारण विशेषकर बालिकाओं को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
पालकों का समर्थन: ग्राम समिति अध्यक्ष राजूलाल देवांगन ने छात्रों की मांग को पूरी तरह जायज ठहराते हुए कहा कि विकासखंड व जिला शिक्षा अधिकारी को कई बार ज्ञापन सौंपा गया, पर हर बार सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिला।
10 दिन का मिला अल्टीमेटम, अधिकारी पहुंचे मौके पर
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जगजीत सिंह धीर के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों और ग्रामीणों से वार्ता की। अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्राचार्य को राशि स्वीकृत की और 10 दिनों के भीतर स्थायी शौचालय निर्माण कार्य शुरू कराने का लिखित भरोसा दिलाया। आश्वासन के बाद छात्रों ने चक्काजाम समाप्त किया।





