फैसला: चेक बाउंस मामले में बड़ी कार्रवाई, बैंक को चूना लगाने वाले को जेल और भारी जुर्माना!
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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फैसला: चेक बाउंस मामले में बड़ी कार्रवाई, बैंक को चूना लगाने वाले को जेल और भारी जुर्माना!
दुर्ग।दुर्ग की एक अदालत ने बैंक ऋण की किश्त चुकाने के लिए दिया गया चेक बाउंस होने के मामले में आरोपी को सख्त सजा सुनाई है। पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक अनादरित होने पर न्यायालय ने आरोपी को कारावास और जुर्माने का आदेश दिया है।
बैंड और लाइट सजावट के लिए लिया था कर्ज़
मामले की जानकारी के अनुसार, आरोपी पुरुषोत्तम बंसोड़, जो गणेश चौक, कृष्णा नगर सुपेला का निवासी है, उसने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की सुपेला शाखा से बैंड एवं लाइट सजावट के व्यवसाय के लिए ऋण लिया था। ऋण की किश्त के भुगतान के तौर पर, उसने 13 अक्टूबर 2017 को 43,000 रुपये का बैंक ऑफ महाराष्ट्र, भिलाई शाखा का एक चेक जारी किया।
खाते में नहीं थी रकम
जब बैंक प्रबंधन ने इस चेक को भुगतान के लिए जमा किया, तो पता चला कि आरोपी के खाते में पर्याप्त रकम नहीं है। इस कारण चेक अनादरित (बाउंस) हो गया। इसके बाद, बैंक ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा और रजिस्ट्री पत्र भी भेजा, लेकिन आरोपी ने न तो कोई जवाब दिया और न ही राशि का भुगतान किया।
अदालत का कड़ा रुख
सुनवाई के बाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग, आकांक्षा राठौर की अदालत ने आरोपी पुरुषोत्तम बंसोड़ को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे धारा 138 के तहत 3 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, धारा 357(3) के तहत आरोपी को 50,000 रुपये की प्रतिकर राशि तीन माह के भीतर बैंक को अदा करने का आदेश दिया गया है। यदि आरोपी यह राशि अदा करने में असफल रहता है, तो उसे अतिरिक्त 3 माह के सश्रम कारावास की सजा काटनी होगी।
यह फैसला वित्तीय अनुशासनहीनता बरतने वालों के लिए एक कड़ा संदेश है। परिवादी बैंक की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद शफीक खान ने मामले की पैरवी की।





