रायपुर में ‘श्री गुरू ज्वेलर्स’ सेंधमारी कांड का 72 घंटे में पर्दाफाश: 2 महिलाओं समेत 5 शातिर गिरफ्तार, 7.50 लाख के जेवरात बरामद

 रायपुर में ‘श्री गुरू ज्वेलर्स’ सेंधमारी कांड का 72 घंटे में पर्दाफाश: 2 महिलाओं समेत 5 शातिर गिरफ्तार, 7.50 लाख के जेवरात बरामद

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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रायपुर में ‘श्री गुरू ज्वेलर्स’ सेंधमारी कांड का 72 घंटे में पर्दाफाश: 2 महिलाओं समेत 5 शातिर गिरफ्तार, 7.50 लाख के जेवरात बरामद

रायपुर। टिकरापारा थाना क्षेत्र के रावतपुरा फेस 2 स्थित ‘श्री गुरू ज्वेलर्स’ में दीवार तोड़कर लाखों रुपये के जेवरात उड़ाने वाले गिरोह का रायपुर पुलिस ने 72 घंटे के भीतर भंडाफोड़ कर दिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से 2 किलोग्राम चांदी के जेवरात, सोने का लॉकेट, चोरी में प्रयुक्त 2 दोपहिया वाहन और 5 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹7.50 लाख आंकी गई है।

ऐसे हुआ घटना का खुलासा

रावतपुरा कॉलोनी फेस 2 निवासी निमाई डोन्डा की ‘श्री गुरू ज्वेलर्स’ नाम से दुकान है। 10 अगस्त 2026 की सुबह करीब 7 बजे जब उन्हें दुकान में चोरी की सूचना मिली, तो मौके पर दुकान की दीवार टूटी हुई और जेवरात गायब मिले। पीड़ित की शिकायत पर टिकरापारा पुलिस ने अपराध क्रमांक 722/26 (BNS की धारा 331(4), 305) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

हजारों CCTV फुटेज खंगालने पर मिली सफलता

पुलिस उपायुक्त (क्राइम/साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) रॉबिन्सन गुडिया के निर्देशन में 10 से अधिक विशेष टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल का तकनीकी विश्लेषण करने के साथ क्षेत्र के हजारों सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

जांच के दौरान संदेही आकांक्षा सोनी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। पुलिस साक्ष्यों के आगे आरोपी महिला ने अपने साथियों के साथ चोरी की बात कबूल कर ली, जिसके बाद मास्टरमाइंड समेत अन्य चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

रेकी कर दिया वारदात को अंजाम

पूछताछ में सामने आया कि चोरी की मुख्य योजना लोकेश राव उर्फ विकास और एम. मोहन राव उर्फ मोनी ने बनाई थी। दोनों ने दुकान की रेकी करने के बाद लोकेश की पत्नी उषा, आकांक्षा सोनी और मिराज आलम को शामिल किया। घटना की रात एम. मोहन राव और मिराज आलम दीवार तोड़कर अंदर घुसे, जबकि लोकेश बाहर निगरानी कर रहा था। जेवरात चुराने के बाद इन्होंने माल आपस में बांट लिया था।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

एम. मोहन राव उर्फ मोनी: दुर्ग जीआरपी में हत्या के 4 और चोरी के 1 मामले समेत कुल 5 प्रकरण दर्ज हैं। इसे हत्या के मामले में 10 साल की सजा भी हो चुकी है।

लोकेश राव उर्फ विकास: भिलाई के भट्ठी थाने में NDPS और आबकारी एक्ट के मामले दर्ज हैं।

उषा उर्फ सपना खुंटे: लोकेश की पत्नी, जो पूर्व में टिकरापारा थाने के एक मामले में जेल जा चुकी है।

गिरफ्तार आरोपी

लोकेश राव उर्फ विकास (35 वर्ष) – टिकरापारा, रायपुर

एम. मोहन राव उर्फ मोनी (39 वर्ष) – सेक्टर 09, भिलाई, दुर्ग

मिराज आलम (29 वर्ष) – खुर्सीपार सेक्टर 11, भिलाई, दुर्ग

उषा उर्फ सपना खुंटे (32 वर्ष) – टिकरापारा, रायपुर

आकांक्षा सोनी (26 वर्ष) – पुरानी बस्ती, रायपुर