कवर्धा में नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख की फेक करेंसी के साथ 3 गिरफ्तार, EV कार और प्रिंटर जब्त

 कवर्धा में नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख की फेक करेंसी के साथ 3 गिरफ्तार, EV कार और प्रिंटर जब्त

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

******************************

 

कवर्धा में नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख की फेक करेंसी के साथ 3 गिरफ्तार, EV कार और प्रिंटर जब्त

 

 

 

कवर्धा। छत्तीसगढ़ की कवर्धा पुलिस ने बाजार में नकली नोट खपाने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹12 लाख 50 हजार मूल्य के नकली नोट, एक हाई-टेक कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और एक चमचमाती टाटा पंच ईवी (EV) कार बरामद की गई है।यह पूरी कामयाबी बोड़ला थाना, पोंडी चौकी और साइबर सेल की संयुक्त टीम को मिली है।

कवर्धा पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र कुमार यादव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी किराए के मकान में नकली नोट छापने का अवैध कारोबार चला रहे थे।

उधारी चुकाने के खेल से खुला राज

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी दिनेश कुमार यादव को 9 अगस्त को ₹3.75 लाख की उधारी चुकाने के नाम पर ₹4.50 लाख के नोट सौंपे गए।

जब दिनेश को इन नोटों के नकली होने का शक हुआ, तो उसने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही एसपी जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन में पुलिस की संयुक्त टीम हरकत में आई और जांच का जाल बिछाया।बस स्टैंड के पास चल रही थी “सिक्का फैक्ट्री”पकड़े गए आरोपियों की पहचान सतीश कुमार, रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे जुलाई 2026 से कवर्धा के नए बस स्टैंड के पास एक कमरा किराए पर लेकर रह रहे थे। इसी कमरे में उन्होंने कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार करने का सेटअप लगा रखा था। वे इन नकली नोटों को अलग-अलग माध्यमों से कवर्धा और आसपास के बाजारों में खपाने की फिराक में थे।

पुलिस खंगाल रही है गिरोह के आगे के तार

कवर्धा एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य फोकस अब दो बिंदुओं पर है:इस गिरोह में इन तीनों के अलावा और कितने स्थानीय या बाहरी लोग शामिल हैं?अब तक ये आरोपी बाजार में या किन-किन लोगों को कितनी फेक करेंसी सप्लाई कर चुके हैं?पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसका खुलासा जल्द ही आगामी पूछताछ में होने की उम्मीद है।