बिजली की बढ़ती दरों और स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बिजली की बढ़ती दरों और स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
बालोद। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर लगातार बढ़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बिजली की कीमतों में हुई बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने सभी जिला इकाइयों को इस संवेदनशील मुद्दे पर सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के निर्देश जारी किए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार बिजली के दाम बढ़ाकर आम जनता को परेशान कर रही है।
दामों में भारी बढ़ोतरी से बढ़ा वित्तीय बोझ
बालोद में आयोजित एक विशेष प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की बिजली नीतियों पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जुलाई महीने से लागू नई दरों के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह गैर-घरेलू (व्यावसायिक) उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे और किसानों के कृषि पंपों की बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया गया है। इसके अलावा, बिजली बिलों पर 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीएस) लागू कर दिया गया है, जिससे प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ आ गया है।
स्मार्ट मीटर को लेकर गंभीर आरोप
कांग्रेस ने सरकार पर बिजली विभाग के माध्यम से जनता को लूटने का आरोप लगाया है। नेताओं ने कहा कि प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के जरिए खपत को जानबूझकर अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों के मासिक बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। इतना ही नहीं, उपभोक्ताओं की बिना अनुमति और जानकारी के उनके घरों के सामान्य चालू मीटरों को बदला जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है।
चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ पार्टी चुप नहीं बैठेगी। सभी जिलों में कार्यकर्ताओं को इस आंदोलन को जन-जन तक ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले दिनों में ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालयों तक धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम और पुतला दहन जैसे चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित कर सरकार को बढ़ी हुई दरें वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा।





