छत्तीसगढ़ में दुर्ग पुलिस ने रचा इतिहास: बना राज्य का पहला ‘पूर्ण डिजिटल FIR’ जिला

 छत्तीसगढ़ में दुर्ग पुलिस ने रचा इतिहास: बना राज्य का पहला ‘पूर्ण डिजिटल FIR’ जिला

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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छत्तीसगढ़ में दुर्ग पुलिस ने रचा इतिहास: बना राज्य का पहला ‘पूर्ण डिजिटल FIR’ जिला

 

 

 

 

 

 

अब शिकायतकर्ता और विवेचक दोनों करेंगे ई-साइन, भिलाई नगर थाने से हुई सफल शुरुआतदु

 

 

 

 

दुर्ग।छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले ने डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए जिले में एफआईआर दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया को शत-प्रतिशत डिजिटल कर दिया गया है। इसके साथ ही दुर्ग, छत्तीसगढ़ का ऐसा पहला जिला बन गया है जहां एफआईआर (FIR) दर्ज करते समय विवेचक (जांच अधिकारी) के साथ-साथ अब शिकायतकर्ता के भी ई-साइन (डिजिटल हस्ताक्षर) लिए जा रहे हैं।

भिलाई नगर थाने से हुई पहली शुरुआत

पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य के थानों को आधुनिक ‘ई-पेन’ और ई-साइनिंग पैड उपलब्ध कराए गए हैं। इसी तकनीक की मदद से हाल ही में भिलाई नगर थाने में एक शिकायतकर्ता का पहला सफल ई-साइन कराया गया। इस सफल ट्रायल के बाद दुर्ग पुलिस ने पूरे जिले में इस व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। अब जिले के सभी थानों में विवेचक शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से ही एफआईआर की कागजी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं।

नई व्यवस्था से क्या-क्या बदलेगा?

डिजिटल एफआईआर प्रणाली के लागू होने से पुलिसिंग और नागरिक सेवाओं में निम्नलिखित बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:कागज रहित (पेपरलेस) व्यवस्था: थानों में कागज का इस्तेमाल बेहद कम हो जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था पेपरलेस प्रणाली की ओर बढ़ेगी।शत-प्रतिशत सुरक्षित रिकॉर्ड:

डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेजों को लंबे समय तक सुरक्षित (डिजिटल लॉकर/सर्वर पर) रखा जा सकेगा। इससे रिकॉर्ड के फटने या खोने का डर खत्म हो जाएगा।

पारदर्शिता और गति: मैन्युअल लिखापढ़ी की तुलना में यह प्रक्रिया अधिक तेज है। तकनीक आधारित होने के कारण इस व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और समय की भारी बचत होगी।आसान उपलब्धता: जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता या न्यायालय को एफआईआर की प्रति तुरंत और आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेगी।

अधिकारियों का वक्तव्य

दुर्ग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, त्वरित और आधुनिक सेवाएं प्रदान करना है। पुलिस मुख्यालय से मिले तकनीकी सहयोग (ई-पेन) ने इस प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बना दिया है, जिससे आम जनता को थानों के चक्कर काटने और दस्तावेजों के रखरखाव की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।