E-20 पेट्रोल विवाद में देश का पहला ऐतिहासिक फैसला: कार कंपनी को देनी होगी नई कार या लौटाने होंगे पूरे पैसे

 E-20 पेट्रोल विवाद में देश का पहला ऐतिहासिक फैसला: कार कंपनी को देनी होगी नई कार या लौटाने होंगे पूरे पैसे

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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E-20 पेट्रोल विवाद में देश का पहला ऐतिहासिक फैसला: कार कंपनी को देनी होगी नई कार या लौटाने होंगे पूरे पैसे

 

 

 

रायपुर: रायपुर जिला उपभोक्ता फोरम ने E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कार खराब होने के मामले में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उपभोक्ता अदालत ने देश में अपनी तरह के इस पहले मामले में एक मशहूर कार निर्माता कंपनी को तगड़ा झटका दिया है। फोरम ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह पीड़ित ग्राहक को उसी मॉडल की नई E-20 कंपैटिबल (अनुकूल) कार प्रदान करे, या फिर कार की पूरी कीमत 20.50 लाख रुपये 6% सालाना ब्याज के साथ लौटाए।

🚨 मुख्य बातें: क्या है पूरा मामला?

गाड़ी की खराबी: शिकायतकर्ता ने 20.25 लाख रुपये में एक प्रीमियम कार खरीदी थी। डिलीवरी के महज 4 महीने बाद ही कार के इंजन में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई।कंपनी का पल्ला झाड़ना: कार कंपनी और डीलर ने यह दावा करते हुए वारंटी के तहत मुफ्त रिपेयरिंग देने से साफ मना कर दिया कि ग्राहक ने गाड़ी में E-20 पेट्रोल (20% एथनॉल मिश्रित ईंधन) डलवाया था, जिसके कारण इंजन खराब हुआ।मैनुअल में झोल: कंपनी ने दलील दी कि उनकी गाड़ियों के लिए E-10 ईंधन ही सही है। हालांकि, उपभोक्ता फोरम ने पाया कि वाहन के यूजर मैनुअल में स्पष्ट रूप से यह दर्ज था कि गाड़ी E-20 पेट्रोल के लिए भी पूरी तरह अनुकूल है।

⚖️ उपभोक्ता फोरम का सख्त रुख

रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल और सदस्य प्रिया अग्रवाल की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। फोरम ने कंपनी के रवैये को ‘सेवा में गंभीर कमी’ (Deficiency in Service) और ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ (Unfair Trade Practice) माना।अदालत ने कार कंपनी और स्थानीय डीलर पर संयुक्त रूप से निम्नलिखित कड़े आदेश जारी किए:विकल्प ए: ग्राहक को उसी मॉडल की बिल्कुल नई E-20 कंपैटिबल कार तुरंत डिलीवर की जाए।विकल्प बी: यदि नई कार नहीं दी जाती, तो वाहन की पूरी कीमत 20,50,000 रुपये शिकायत दर्ज करने की तारीख से लेकर भुगतान के दिन तक 6% वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए।मुआवजा: ग्राहक को हुई मानसिक प्रताड़ना के लिए 50,000 रुपये और अदालती कार्यवाही के खर्च के रूप में 10,000 रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया जाए।

💡 ऑटोमोबाइल सेक्टर पर इस फैसले का असर

भारत सरकार तेजी से देश भर के पेट्रोल पंपों पर E-20 ईंधन (20% एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में यह फैसला ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अब कंपनियों को अपने वाहनों की ईंधनों के साथ कंपैटिबिलिटी को लेकर पूरी तरह पारदर्शी होना पड़ेगा और वे ईंधन का बहाना बनाकर ग्राहकों की वारंटी खारिज नहीं कर पाएंगी।