छत्तीसगढ़ में चमकेगी किस्मत: महासमुंद की धरती उगलेगी ‘हीरा’, बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में मिले 5 बहुमूल्य रत्न
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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छत्तीसगढ़ में चमकेगी किस्मत: महासमुंद की धरती उगलेगी ‘हीरा’, बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में मिले 5 बहुमूल्य रत्न
रायपुर/महासमुंद: छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा के इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। कोयला, लोहा, बॉक्साइट और चूना पत्थर के बाद अब प्रदेश की धरती से बेशकीमती हीरे निकलेंगे। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक अन्वेषण (Scientific Exploration) के दौरान हीरे मिलने की पुष्टि हुई है। इस ऐतिहासिक सफलता से छत्तीसगढ़ को वैश्विक स्तर पर खनिज क्षेत्र में एक नई और विशिष्ट पहचान मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
200 टन मलबे की प्रोसेसिंग से मिले 5 हीरे
एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (NMDC-CMDC Limited) द्वारा बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक सर्वेक्षण, स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय अध्ययन और अन्वेषण ड्रिलिंग की गई थी। इसके बाद चिन्हित क्षेत्र से लगभग 200 टन खनिज सामग्री का बल्क सैंपल एकत्रित कर परीक्षण किया गया। कड़े प्रसंस्करण (Processing) के बाद इस सैंपल से कुल 5 हीरे प्राप्त हुए हैं, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट आंका गया है। सुरक्षा के मद्देनजर इन सभी हीरों को वर्तमान में मध्य प्रदेश स्थित एनएमडीसी के पन्ना स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवा दिया गया है।मिले हीरों की क्वालिटी: दो ‘जेम क्वालिटी’ के रत्न शामिलसरकारी रिपोर्ट के अनुसार, खोजे गए पांच हीरों में से दो हीरे ‘जेम क्वालिटी’ (Gem Quality) के हैं, जो आभूषण निर्माण के लिए बेहद उत्कृष्ट माने जाते हैं। इसके अलावा बाकी तीन हीरे अन्य औद्योगिक श्रेणियों के हैं।
इस खोज ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की कोख में केवल कोयला ही नहीं, बल्कि सबसे उच्च श्रेणी के रत्न भी दफन हैं।
रोजगार और निवेश की लगेगी झड़ी
इस अभूतपूर्व खोज के बाद बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में व्यावसायिक स्तर पर हीरा खनन (Diamond Mining) शुरू होने की संभावनाएं बेहद प्रबल हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि इस परियोजना के आगे बढ़ने से छत्तीसगढ़ में:बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश आकर्षित होगा।स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।क्षेत्र का बुनियादी ढांचा तेजी से मजबूत होगा।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा- ‘खनिज अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती’इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे राज्य के लिए एक अत्यंत उत्साहजनक और मील का पत्थर साबित होने वाली सफलता बताया।”यह राज्य की आर्थिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन की दिशा में एक बड़ी छलांग है। छत्तीसगढ़ पहले से ही देश का प्रमुख खनिज उत्पादक राज्य है, जहां लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर के उत्पादन में हम अग्रणी हैं। अब हीरे के खनन की संभावनाओं से प्रदेश की खनिज विविधता और अधिक समृद्ध होगी, जिससे हमारी खनिज अर्थव्यवस्था को नई दिशा और अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के पारदर्शी प्रबंधन, वैज्ञानिक अन्वेषण और मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर आधारित औद्योगिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में यह खोज छत्तीसगढ़ के राजस्व को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है।





