दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़: ‘अन्ना रेड्डी’ ऐप से चल रहा था नेटवर्क, 3 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़: ‘अन्ना रेड्डी’ ऐप से चल रहा था नेटवर्क, 3 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार
📍 बिजली खंभे के नीचे से ऑपरेट हो रहा था सट्टा बाजारयह पूरा मामला दुर्ग जिले के थाना खुर्सीपार क्षेत्र का है। आरोपी खुर्सीपार के आईटीआई खेल मैदान में एक बिजली खंभे के नीचे बैठकर लैपटॉप और मोबाइल की मदद से पूरा सट्टा नेटवर्क चला रहे थे।
दुर्ग।21 जून को पुलिस को इसकी सटीक सूचना मिली, जिसके बाद खुर्सीपार पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा गया।
👥 गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
पकड़े गए आरोपियों में स्थानीय युवकों के साथ-साथ बाहरी राज्य का आरोपी भी शामिल है:अजय मिश्रा (23 वर्ष): निवासी सेक्टर-1, भिलाईदीपक कुमार (32 वर्ष): निवासी नालंदा, बिहारकरण कुमार सिंह (26 वर्ष): निवासी खुर्सीपार, भिलाई
💳 गरीबों के नाम पर खुलवाते थे फर्जी खाते
एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद शातिराना था:ये लोग गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसों का लालच देते थे।उनके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे।खाता खुलते ही एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और चेकबुक आरोपी अपने पास रख लेते थे।इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे की अवैध रकम को ट्रांसफर करने और पुलिस से बचने के लिए किया जाता था।
📦 ढाई लाख का सामान और भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से सट्टे का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग किट बरामद की है, जिसकी कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपए है:एटीएम कार्ड: 81 नगबैंक पासबुक: 62 नगचेकबुक: 05 नगमोबाइल फोन: 13 नगसिम कार्ड: 11 नगलैपटॉप व हार्ड डिस्क: 01-01 नग
🗺️ आईपीएल के दौरान रांची से जुड़े थे तार
पुलिस की शुरुआती जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने बताया कि आईपीएल (IPL) सीजन के दौरान यह पूरा नेटवर्क झारखंड के रांची से ऑपरेट किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जब्त किए गए मोबाइल, बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन तकनीकी जांच (Cyber Investigation) कर रही है, ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य बड़े चेहरों को बेनकाब किया जा सके।





