बड़ी खबर: दुर्ग जिले के 25 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री पर तत्काल रोक, कलेक्टर का बड़ा आदेश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बड़ी खबर: दुर्ग जिले के 25 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री पर तत्काल रोक, कलेक्टर का बड़ा आदेश
ईस्ट एंड वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को लेकर जिला प्रशासन का सख्त फैसला, खाता विभाजन, नामांतरण और भूमि उपयोग परिवर्तन भी आगामी आदेश तक प्रतिबंधित।
दुर्ग।दुर्ग जिला प्रशासन ने क्षेत्र में प्रस्तावित देश की महत्वाकांक्षी ईस्ट एंड वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को लेकर एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के 25 गांवों में जमीन से जुड़े सभी प्रकार के लेन-देन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।इस नए सरकारी फरमान के बाद अब इन चिन्हित गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री, खाता विभाजन (बंटवारा), नामांतरण और भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्शन) पर पूरी तरह से रोक रहेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है जो अगले निर्देश तक जारी रहेगा।
DFCCIL के पत्र के बाद लिया गया निर्णय
प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह सख्त कदम डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) द्वारा भेजे गए एक पत्र के आधार पर उठाया गया है। इससे पहले जारी हुए आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए प्रशासन ने प्रभावित गांवों की एक नई संशोधित सूची जारी की है, जिसमें 3 तहसीलों के कुल 25 गांव शामिल किए गए हैं।
इमरजेंसी में आवेदन की सुविधा
इस प्रतिबंध के बावजूद आम जनता की सहूलियत के लिए एक विशेष प्रावधान रखा गया है। यदि किसी ग्रामीण या भू-स्वामी को बेहद अनिवार्य या अत्यावश्यक कारणों (जैसे चिकित्सा या अन्य एमरजेंसी) से अपनी भूमि का हस्तांतरण या कोई अन्य कार्य कराना है, तो वह सीधे कलेक्टोरेट कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। जिला प्रशासन संबंधित विभागों और फ्रेट कॉरिडोर परियोजना एजेंसी से उचित तालमेल व राय-मशविरा करने के बाद मामले पर अंतिम निर्णय लेगा।
परियोजना से चमकेगी दुर्ग-भिलाई की किस्मत
यह ईस्ट एंड वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भारत की सबसे महत्वपूर्ण रेल माल परिवहन परियोजनाओं में से एक है।लंबाई: इसकी कुल प्रस्तावित लंबाई लगभग 2100 से 2200 किलोमीटर है।रूट: यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के दानकुनी से शुरू होकर झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र होते हुए गुजरात तक पहुंचेगा।
भिलाई को लाभ: औद्योगिक हब होने के नाते दुर्ग-भिलाई के लिए यह गेमचेंजर साबित होगा। इसके तैयार होने से भिलाई स्टील प्लांट (BSP), बड़े सीमेंट उद्योगों, खनिज आधारित फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बेहद तेज, सुरक्षित और किफायती माल परिवहन का विकल्प मिलेगा।इन 25 गांवों में लागू रहेगा प्रतिबंध (तहसीलवार सूची):कलेक्टर द्वारा जारी संशोधित सूची के अनुसार निम्नलिखित तीन तहसीलों के गांवों में जमीन की रजिस्ट्री और अन्य बदलावों पर रोक रहेगी:
1. दुर्ग तहसील (09 गांव):
बिरेझर
चंगोरी
कोनारी
चंदखुरी
हनोदा
खम्हरिया
उमरपोटी
उतई
डुमरडीह
2. पाटन तहसील (10 गांव):
परेवाडीह
पहंडोर
औंधी
मगरघटा
बेन्द्री
नारधी
महकाकला
महकाखुर्द
कुरूदडीह
बटंग
3. भिलाई-3 तहसील (06 गांव):
सिरसाकला
परसदा
(पाहंदा)
सोमनी
गनियारी
देवबलोदा
उरला





