पोते की प्रताड़ना: 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का रास्ता रोका, सरकारी और निजी जमीन पर कब्जे का आरोप
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पोते की प्रताड़ना: 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का रास्ता रोका, सरकारी और निजी जमीन पर कब्जे का आरोप
दुर्ग जामुल (सुडूम): कलयुग में रिश्तों के तार-तार होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जामुल के सुडूम क्षेत्र की रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला इंद्र बाई पाल ने अपने ही सगे पोते पर जमीन हड़पने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का रो-रोकर बुरा हाल है और उसने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
बोने-खाने से रोका, आने-जाने का रास्ता भी किया बंद
पीड़िता इंद्र बाई पाल का आरोप है कि उसका पोता धनेश्वर पाल उसे अपनी ही जमीन पर फसल बोने और खाने नहीं दे रहा है। बुजुर्ग महिला के अनुसार, पोते ने न सिर्फ उसकी निजी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है,

बल्कि आसपास की सरकारी जमीन की भी घेराबंदी (फेंसिंग) कर दी है। इस अवैध घेराबंदी के कारण बुजुर्ग महिला और उसके परिवार के आने-जाने का एकमात्र मुख्य रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है
।राजस्व अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
पीड़िता ने प्रशासनिक कार्यवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिला का कहना है कि जब वह अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास गई, तो पटवारी और तहसीलदार का कहना है कि यह जमीन धनेश्वर पाल की है। पीड़िता का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में निष्पक्ष जांच करने के बजाय उसके पोते का पक्ष ले रहे हैं, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बेटे ने बयां किया अपना दर्द
बुजुर्ग महिला के बेटे ने भी मीडिया के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उनका अपना ही खून आज उनके लिए सबसे बड़ा दुश्मन बन गया है। पोते के इस रवैए के कारण पूरा परिवार दाने-दाने को मोहताज होने की कगार पर है और अपने ही घर में कैद होने को मजबूर है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके उनका रास्ता रोकना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है।स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि इस बुजुर्ग महिला की गुहार सुनने के बाद जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी मामले में क्या संज्ञान लेते हैं।





