भिलाई के सेक्टर-6 में शराब दुकान खोलने का भारी विरोध, महापौर नीरज पाल ने सरकार और BSP प्रबंधन को घेरा

 भिलाई के सेक्टर-6 में शराब दुकान खोलने का भारी विरोध, महापौर नीरज पाल ने सरकार और BSP प्रबंधन को घेरा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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भिलाई के सेक्टर-6 में शराब दुकान खोलने का भारी विरोध, महापौर नीरज पाल ने सरकार और BSP प्रबंधन को घेरा

भिलाई: भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-6 में शराब दुकान खोलने के छत्तीसगढ़ शासन के निर्णय ने शहर में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस फैसले के खिलाफ स्थानीय निवासियों और जन प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। भिलाई के महापौर नीरज पाल ने इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए इसे शहर के संस्कारों और सामाजिक ताने-बाने पर सीधा प्रहार बताया है।

‘मिनी इंडिया’ की पहचान पर हमला

महापौर नीरज पाल ने कहा कि भिलाई अपनी शिक्षा, खेल, धार्मिक सद्भाव और ‘मिनी इंडिया’ के रूप में विश्वविख्यात है। ऐसे शहर में, जहाँ एमजीएम स्कूल, चर्च, हनुमान मंदिर, मां बम्लेश्वरी मंदिर और गुरुद्वारा जैसे महत्वपूर्ण और पवित्र स्थल स्थित हैं, शराब दुकान खोलना जनभावनाओं का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी गलत नीतियों से शहर की ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ को बिगाड़ने की साजिश कर रही है।

सुरक्षा और व्यापार पर संकट

पाल ने चिंता जताई कि बाजार क्षेत्र में शराब दुकान खुलने से न केवल अव्यवस्था बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं और बच्चों का आवागमन भी असुरक्षित हो जाएगा। इसके अलावा, आसपास के छोटे व्यापारियों के व्यवसाय पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ना तय है।

BSP प्रबंधन की भूमिका पर सवाल

महापौर ने इस मामले में भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रबंधन ने अपनी ‘आत्मा’ बेच दी है या वह शासन के दबाव में झुक गया है? पाल ने कहा कि जो प्रबंधन पहले नियमों का सख्ती से पालन करता था, वह अब टाउनशिप की गरिमा से समझौता क्यों कर रहा है।

जनआंदोलन की चेतावनी

नीरज पाल ने शासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भिलाई कोई ‘प्रयोगशाला’ नहीं है जहाँ मनमाने फैसले थोपे जाएं। उन्होंने मांग की है कि इस निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो शहर की जनता सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।