विंग कमांडर सुसाइड केस: पत्नी अर्जिता पर FIR; मानसिक प्रताड़ना और माता-पिता से बात करने पर रोक का आरोप
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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विंग कमांडर सुसाइड केस: पत्नी अर्जिता पर FIR; मानसिक प्रताड़ना और माता-पिता से बात करने पर रोक का आरोप
रायपुर (छत्तीसगढ़): राजधानी रायपुर के विधायक कॉलोनी में एयरफोर्स के विंग कमांडर विपुल यादव (39) की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर मृतक की पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज किया है.
घटना का विवरण
तारीख और समय: यह दुखद घटना 10 और 11 मार्च, 2026 की दरम्यानी रात की है.
स्थान: विंग कमांडर विपुल यादव रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित विधायक कॉलोनी में अपने सरकारी आवास में फांसी के फंदे पर लटके मिले थे.
पृष्ठभूमि: मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी (या आजमगढ़) के निवासी विपुल यादव छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों से जुड़े थे. उन्होंने साल 2014 में अर्जिता से प्रेम विवाह किया था.
परिजनों के गंभीर आरोप
विंग कमांडर के पिता और अन्य परिजनों ने पुलिस को दिए बयानों में अर्जिता पर कई आरोप लगाए हैं:
मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना: परिजनों का आरोप है कि अर्जिता शादी के बाद से ही विपुल को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी.
परिवार से दूरी: आरोप है कि अर्जिता ने विपुल को उनके माता-पिता से बात करने तक से रोक दिया था और बच्चों (9 साल का बेटा और 7 साल की बेटी) को भी दादा-दादी से बात नहीं करने देती थी.
संपत्ति का दबाव: पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उन पर प्रॉपर्टी खरीदने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था.
साक्ष्य: मृतक के परिवार ने पुलिस को कुछ वीडियो सीडी और अन्य सबूत भी सौंपे हैं, जिनमें मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के दृश्य होने का दावा किया गया है.
पुलिस की कार्रवाई
रायपुर पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामला आत्महत्या का पाया गया था। हालांकि, परिजनों के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों (मोबाइल कॉल डिटेल्स आदि) के आधार पर पत्नी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद तेलीबांधा पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. पुलिस अब आरोपी पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव से पूछताछ की तैयारी कर रही है.





