कोरबा में पूर्व गृहमंत्री के बेटे का हाईप्रोफाइल ड्रामा: नशे में दुकान में घुसाई कार, थाने में पुलिस के सामने दी गालियां और फरार
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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कोरबा में पूर्व गृहमंत्री के बेटे का हाईप्रोफाइल ड्रामा: नशे में दुकान में घुसाई कार, थाने में पुलिस के सामने दी गालियां और फरार
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बुधवार दोपहर सत्ता और रसूख के नशे में चूर पूर्व गृहमंत्री के बेटे संदीप कंवर ने बीच सड़क पर जमकर उत्पात मचाया। नशे में धुत संदीप ने न केवल अपनी कार से एक दुकान को टक्कर मारी, बल्कि विरोध करने पर दुकानदार के परिवार के साथ मारपीट और बदसलूकी भी की। हद तो तब हो गई जब आरोपी थाने के भीतर पुलिसकर्मियों को चुनौती देते हुए अपनी गाड़ी लेकर फरार हो गया।
दुकान में मारी टक्कर, फिर शुरू किया तांडव
जानकारी के मुताबिक, आरोपी संदीप कंवर शराब के नशे में अपनी कार (जिस पर ‘पूर्व विधायक रामपुर’ लिखा था) को तेज रफ्तार में चला रहा था। कोरबा बस स्टैंड मुख्य मार्ग पर अनियंत्रित होकर उसने गाड़ी सीधे एक दुकान में घुसा दी। जब दुकानदार अज़ीन कुरैशी और उनके परिवार ने इसका विरोध किया, तो संदीप अपनी रसूख की धौंस दिखाते हुए मारपीट पर उतारू हो गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित की बेटी पुलिस विभाग में ही आरक्षक है, इसके बावजूद आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
थाने में पुलिस बनी मूकदर्शक, गालियां देते हुए भागा आरोपी
घटना के बाद संदीप को कोतवाली थाने लाया गया, लेकिन वहां कानून का खौफ दिखने के बजाय उसका अहंकार सिर चढ़कर बोला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संदीप ने थाने के भीतर पुलिसकर्मियों और पीड़ितों के सामने जमकर हंगामा किया। उसने चिल्लाते हुए कहा, “जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा।” हैरानी की बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी में ही वह गाली-गलौज करता हुआ अपनी गाड़ी स्टार्ट कर थाने से फरार हो गया और पुलिस बेबस खड़ी देखती रही।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सरेआम गुंडागर्दी और थाने से फरार होने की इस घटना ने खाकी की इकबाल पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों में पुलिस के इस ढुलमुल रवैये को लेकर भारी नाराजगी है।
अधिकारियों का पक्ष:
मामले पर कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा, “अज़ीन कुरैशी की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा रहा है। लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने और मारपीट का आरोप है। गाड़ी पर ‘विधायक रामपुर’ लिखा पाया गया है। वाहन और चालक की विधिवत पहचान कर कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
अब देखना यह होगा कि रसूख के आगे नतमस्तक दिखने वाली पुलिस इस मामले में क्या वाकई कोई ठोस कदम उठाती है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।





