बलरामपुर में नशे की ‘खेती’ का भंडाफोड़: दुर्ग के बाद अब कुसमी में 2 एकड़ जमीन पर लहलहा रही थी अफीम, झारखंड से जुड़े तार

 बलरामपुर में नशे की ‘खेती’ का भंडाफोड़: दुर्ग के बाद अब कुसमी में 2 एकड़ जमीन पर लहलहा रही थी अफीम, झारखंड से जुड़े तार

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बलरामपुर में नशे की ‘खेती’ का भंडाफोड़: दुर्ग के बाद अब कुसमी में 2 एकड़ जमीन पर लहलहा रही थी अफीम, झारखंड से जुड़े तार

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध नशे के सौदागरों ने अब खेतों को अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है। दुर्ग जिले में अफीम की खेती पकड़े जाने के अभी कुछ ही दिन बीते थे कि अब बलरामपुर जिले से एक और बड़ी खबर सामने आई है। जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिपुरी गांव में करीब दो एकड़ जमीन पर अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती का खुलासा हुआ है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

साजिश के पीछे झारखंड का कनेक्शन

प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। बताया जा रहा है कि एक स्थानीय आदिवासी की जमीन को लीज (किराये) पर लेकर झारखंड का एक व्यक्ति यहाँ चुपचाप अफीम की फसल उगा रहा था। दुर्ग की तर्ज पर यहाँ भी बाहरी नेटवर्क का इस्तेमाल कर नशे के इस काले कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था।

पुलिस और राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुँची। लहलहाती अफीम की फसल को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। प्रशासन ने तुरंत खेत को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फसल को नष्ट करने और सैम्पल इकट्ठा करने की प्रक्रिया जारी है।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच की जा रही है। जमीन मालिक और खेती करने वाले मुख्य आरोपी के बीच हुए समझौतों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के इस कारोबार में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के शांत इलाकों में अफीम की खेती के इन लगातार मामलों ने पुलिस प्रशासन और इंटेलिजेंस की चिंता बढ़ा दी है।