लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं: अंबिकापुर पत्रकार मारपीट मामले में महासमुंद पार्षद विजय साव का कड़ा प्रहार

 लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं: अंबिकापुर पत्रकार मारपीट मामले में महासमुंद पार्षद विजय साव का कड़ा प्रहार

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं: अंबिकापुर पत्रकार मारपीट मामले में महासमुंद पार्षद विजय साव का कड़ा प्रहार

अंबिकापुर/महासमुंद। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में कवरेज के दौरान आदिवासी पत्रकार सुशील बखला के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना ने अब पूरे प्रदेश में राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर महासमुंद के पार्षद विजय साव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार दिया है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर इस तरह के हमले प्रेस की आजादी को दबाने की कोशिश हैं।

घटना का घटनाक्रम: ट्रांसफार्मर विवाद से शुरू हुई हिंसा

अंबिकापुर के लक्ष्मी नारायण अस्पताल के सामने रिहायशी इलाके में ट्रांसफार्मर लगाए जाने का स्थानीय लोग लंबे समय से विरोध कर रहे थे। 26 फरवरी 2026 को जब इस विवाद ने उग्र रूप ले लिया, तब आदिवासी पत्रकार सुशील बखला वहां कवरेज करने पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही कुछ दबंगों ने पत्रकार के साथ मारपीट की।

तीन आरोपियों पर FIR दर्ज

घटना के विरोध में पत्रकारों के भारी आक्रोश और थाने में धरने के बाद पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। पुलिस ने अरुणेंद्र प्रताप सिंह, आकाश सिंह और बडू सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।

पार्षद विजय साव और कांग्रेस का तीखा हमला

महासमुंद पार्षद विजय साव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्य में “भाजपाई गुंडागर्दी” चरम पर है। उन्होंने मांग की है कि:

आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।

घटना के समय मूकदर्शक बने रहे पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।

पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में कड़े कदम उठाए जाएं।

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा है कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, यही वजह है कि वे पुलिस के सामने ही पत्रकारों को निशाना बना रहे हैं।