छत्तीसगढ़ के बालोद में सनसनी: 3 साल की मासूम का सिर कब्र से गायब, तंत्र-मंत्र की आशंका से ग्रामीणों में आक्रोश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
****************************
छत्तीसगढ़ के बालोद में सनसनी: 3 साल की मासूम का सिर कब्र से गायब, तंत्र-मंत्र की आशंका से ग्रामीणों में आक्रोश
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माहुद-बी (हल्दी चौकी) में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची, प्रिया साहू, जिसकी मृत्यु 9 अक्टूबर 2025 को हुई थी, की कब्र के साथ छेड़छाड़ की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि खुदाई के दौरान कब्र से बच्ची का सिर गायब मिला है, जिससे इलाके में तंत्र-मंत्र और जादू-टोने की आशंका ने दहशत फैला दी है।
घटना का विवरण: कब्र के पास मिला तंत्र-विद्या का सामान
जानकारी के अनुसार, मृत बच्ची के परिजनों ने उसे गांव के मुक्तिधाम मार्ग के पास दफनाया था। रविवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने दफन स्थल को खुदा हुआ और अव्यवस्थित पाया। कब्र के पास कटा हुआ नींबू, मिट्टी के दीये, चावल, अगरबत्ती और मांस के टुकड़े बिखरे पड़े थे। इन संदिग्ध चीजों को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचित किया।
प्रशासनिक कार्रवाई: एसडीएम की मौजूदगी में हुई खुदाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत बच्ची के पिता, जितेंद्र साहू ने पुलिस को आवेदन देकर जांच की मांग की। गुंडरदेही एसडीएम प्रतिमा ठाकरे की अनुमति के बाद, रविवार दोपहर करीब 1:45 बजे तहसीलदार, परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में कब्र की खुदाई शुरू की गई। खुदाई के दौरान जब शव बाहर निकाला गया, तो उपस्थित सभी लोग दंग रह गए—बच्ची का सिर धड़ से अलग था और गायब था।
पुलिसिया कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच
हल्दी चौकी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 301 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर कंकाल को गुंडरदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा है, जहां से इसे विस्तृत जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
ग्रामीणों में आक्रोश: आज होगी बड़ी बैठक
इस जघन्य कृत्य के बाद से पूरे गांव में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि यह किसी तांत्रिक का काम है जिसने तंत्र-सिद्धि के लिए मासूम के शव के साथ यह घिनौनी हरकत की है। मामले को लेकर आज यानी सोमवार को गांव में एक बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी।
फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। अब देखना यह है कि अंधविश्वास के नाम पर इस तरह की दहशत फैलाने वाले अपराधी कब तक कानून की गिरफ्त में आते हैं।











