1 अप्रैल 2026 से शराब के शौकीनों की जेब होगी ढीली, सरकार ने बदला आबकारी नियम

 1 अप्रैल 2026 से शराब के शौकीनों की जेब होगी ढीली, सरकार ने बदला आबकारी नियम

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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1 अप्रैल 2026 से शराब के शौकीनों की जेब होगी ढीली, सरकार ने बदला आबकारी नियम

रायपुर/: सरकार ने आबकारी नीति में बड़े बदलावों की घोषणा की है, जिसके तहत 1 अप्रैल 2026 से देशी और विदेशी दोनों प्रकार की शराब पर नई ड्यूटी दरें लागू होंगी। केंद्र सरकार ने बजट 2026 में शराब पर लगने वाले Tax Collected at Source (TCS) को 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया है, जिसका सीधा असर पूरे देश में शराब की कीमतों पर पड़ेगा।

मुख्य बदलाव और नई दरें:

महंगी होगी विदेशी शराब: विदेशी शराब की कीमतों (RSP) के आधार पर अलग-अलग स्लैब तय किए गए हैं। शराब जितनी प्रीमियम होगी, उस पर ड्यूटी टैक्स उतना ही अधिक लगेगा।

देशी शराब और बीयर: देशी शराब, बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों पर भी टैक्स बढ़ाया गया है।

कीमतों में उछाल: अनुमान है कि ₹1,000 की बोतल अब ₹1,050 से ₹1,100 के बीच मिलेगी। कुछ राज्यों में IMFL (भारतीय निर्मित विदेशी शराब) की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।

नया सप्लाई नियम: अब शराब की सप्लाई से पहले टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य होगा, जिससे राजस्व वसूली में पारदर्शिता आएगी।

प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल: छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में लागत कम करने और ट्रांसपोर्ट आसान बनाने के लिए कांच के बजाय प्लास्टिक बोतलों में शराब बेचने का निर्णय लिया गया है।

किसे मिलेगी राहत?

सेना और अर्धसैनिक बलों (Army Canteens) को इस बढ़ोतरी से अलग रखा गया है और उनके लिए न्यूनतम ड्यूटी दर तय की गई है ताकि उन्हें सीमित राहत मिलती रहे।

यह बदलाव न केवल सरकारी राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है, बल्कि इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जोड़कर देखा जा रहा है।