बालोद में सिस्टम के आगे लाचार पूर्व विधायक; भाजपा शासन में अपनी ही पार्टी की पूर्व विधायक नहीं बेच सकीं धान, दिनभर धरने पर बैठी रहीं
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बालोद में सिस्टम के आगे लाचार पूर्व विधायक; भाजपा शासन में अपनी ही पार्टी की पूर्व विधायक नहीं बेच सकीं धान, दिनभर धरने पर बैठी रहीं
बालोद,छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अंतिम दिन बालोद जिले में प्रशासन की अव्यवस्था उस वक्त उजागर हो गई, जब भाजपा की पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू को अपना धान बेचने के लिए केंद्र पर धरना देना पड़ा। डौंडीलोहारा क्षेत्र की पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू अपने बेटे नरेश साहू के साथ सुबह से ही धान खरीदी केंद्र पहुंची थीं, लेकिन टोकन की समस्या के कारण उनका धान नहीं खरीदा गया।
पूरा मामला और विवाद का कारण
टोकन न मिलना: पूर्व विधायक के बेटे नरेश साहू ने बताया कि उन्होंने टोकन के लिए सहकारिता विभाग के उपपंजीयक से शिकायत की थी, लेकिन आश्वासन के बावजूद टोकन जारी नहीं हुआ।
लिमिट की समस्या: समिति प्रबंधक के अनुसार, 19 जनवरी से टोकन जारी करना बंद था और बाद में मिली सीमित छूट (प्रतिदिन 200 क्विंटल) के कारण 40 से अधिक किसानों के आवेदन पेंडिंग थे।
प्रशासनिक अनदेखी: नरेश साहू ने आरोप लगाया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने बालोद कलेक्टर को फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
दिनभर का धरना: धान नहीं बिकने से नाराज पूर्व विधायक अपनी वृद्ध माता और परिवार के साथ देर रात तक केंद्र में ही बैठी रहीं।
सफेद हाथी साबित हुई सरकारी व्यवस्था?
जहाँ एक ओर सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने का दावा कर रही है, वहीं पूर्व विधायक का 268 क्विंटल धान अंतिम दिन तक नहीं बिक पाना सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। बालोद में इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि एक तरफ कांग्रेस धान खरीदी की तिथि बढ़ाने के लिए चक्काजाम कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ सत्तापक्ष की अपनी ही नेता अव्यवस्था का शिकार हो गईं।












