प्रशासनिक महकमे में हड़कंप: नगर सैनिक ने दी जान देने की कोशिश, मानसिक प्रताड़ना का आरोप।

 प्रशासनिक महकमे में हड़कंप: नगर सैनिक ने दी जान देने की कोशिश, मानसिक प्रताड़ना का आरोप।

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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प्रशासनिक महकमे में हड़कंप: नगर सैनिक ने दी जान देने की कोशिश, मानसिक प्रताड़ना का आरोप।

 

कोरबा, छत्तीसगढ़।छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहां नगर सेना (होमगार्ड) के एक जवान ने कथित तौर पर सिस्टम की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बर्खास्त जवान संतोष पटेल ने प्रशासनिक कार्यालय के भीतर ही जहर का सेवन कर लिया।

बर्खास्तगी और तनाव बनी वजह

मिली जानकारी के अनुसार, संतोष पटेल पिछले कुछ समय से अपनी नौकरी से बर्खास्त किए जाने के कारण गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा था। पीड़ित का आरोप था कि उसे गलत तरीके से सेवा से पृथक किया गया है। न्याय की गुहार लगाने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जवान ने वहां अपनी जीवनलीला समाप्त करने के इरादे से जहरीला पदार्थ खा लिया।

अस्पताल में भर्ती, स्थिति गंभीर

घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने जवान को बेसुध पाया। आनन-फानन में प्रशासन ने उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, जहर शरीर में फैलने के कारण जवान की स्थिति फिलहाल अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उसे आईसीयू (ICU) में निगरानी में रखा गया है।

अधिकारियों की घेराबंदी और जवानों का आक्रोश

इस सनसनीखेज घटना के बाद कलेक्टर परिसर और अस्पताल छावनी में तब्दील हो गए हैं। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अस्पताल में मौजूद हैं। वहीं, घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अन्य नगर सैनिक अस्पताल पहुंच गए। जवानों ने अपने साथी के प्रति एकजुटता दिखाते हुए आरोप लगाया कि विभाग में मानसिक प्रताड़ना और तानाशाही के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जवान के होश में आने का इंतजार किया जा रहा है ताकि उसका आधिकारिक बयान दर्ज किया जा सके।