जादुई बचाव: बंदर ने मां की गोद से छीनी 15 दिन की मासूम, कुएं में गिरी बच्ची को ‘डायपर’ और ‘नर्स’ ने दी नई जिंदगी

 जादुई बचाव: बंदर ने मां की गोद से छीनी 15 दिन की मासूम, कुएं में गिरी बच्ची को ‘डायपर’ और ‘नर्स’ ने दी नई जिंदगी

 

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

***************************

 

जादुई बचाव: बंदर ने मां की गोद से छीनी 15 दिन की मासूम, कुएं में गिरी बच्ची को ‘डायपर’ और ‘नर्स’ ने दी नई जिंदगी

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़): जिले के ग्राम पंचायत सिवनी नैला में मंगलवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई। यहाँ एक बंदर मां की गोद में दूध पी रही 15 दिन की नवजात बच्ची को झपटकर भाग गया। इस अफरा-तफरी के बीच मासूम बच्ची कुएं में गिर गई, लेकिन करिश्माई रूप से उसकी जान बच गई।

डायपर बना ‘लाइफ जैकेट’

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बंदर बच्ची को लेकर पेड़ पर चढ़ रहा था, तभी बच्ची उसके हाथ से फिसलकर पास के एक गहरे कुएं में जा गिरी। ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंचे, बच्ची पानी में थी। हैरत की बात यह रही कि बच्ची ने जो डायपर पहना था, उसने ‘लाइफ जैकेट’ का काम किया। डायपर के कारण मासूम पानी की सतह पर तैरती रही और डूबी नहीं।

नर्स की सूझबूझ और CPR ने बचाई जान

ग्रामीणों ने करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद बाल्टी और रस्सी के सहारे बच्ची को बाहर निकाला। बाहर निकालने पर बच्ची की सांसें थम चुकी थीं और शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसी समय गांव में भागवत कथा सुनने आई एक नर्स ने मोर्चा संभाला। उन्होंने तुरंत बच्ची को सीपीएम (CPR) देना शुरू किया। नर्स की इस तत्परता से चमत्कार हुआ और बच्ची की थमी हुई सांसें वापस लौट आईं।

अस्पताल में हालत स्थिर

परिजन तुरंत बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद बच्ची को खतरे से बाहर बताया है। बच्ची के पिता अरविंद राठौर ने इस घटना को एक चमत्कार बताते हुए अन्य अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि समय पर ग्रामीणों और नर्स की मदद न मिलती, तो आज बड़ा अनहोनी हो जाती।