जींद: 9 बेटियों के बाद आंगन में गूंजी बेटे की किलकारी, 12 बहनों को मिला इकलौता भाई; परिवार में जश्न का माहौल
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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जींद: 9 बेटियों के बाद आंगन में गूंजी बेटे की किलकारी, 12 बहनों को मिला इकलौता भाई; परिवार में जश का माहौल
उचाना कलां (जींद):हरियाणा के जींद जिले के उचाना कलां में एक परिवार के लिए खुशियां उस समय दोगुनी हो गई, जब सुरेंद्र और रीतू के घर शादी के 24 साल बाद बेटे ने जन्म लिया। नागरिक अस्पताल में जब रीतू ने बेटे को जन्म दिया, तो पूरे अस्पताल परिसर में बधाई देने वालों का तांता लग गया।
9 सगी और 3 चचेरी बहनों का अकेला भाई
सुरेंद्र के परिवार में पहले से 9 बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी की उम्र 21 साल है और सबसे छोटी 3 साल की है। खास बात यह है कि सुरेंद्र के स्वर्गीय भाई की भी तीन बेटियां हैं और उनका भी कोई भाई नहीं था। ऐसे में इस के आने से कुल 12 बहनों को इकलौता भाई मिल गया है। परिवार ने प्यार से बेटे का नाम ‘दिलखुश’ रखा है।
24 साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म
मां रीतू ने बताया कि उनकी शादी को 24 साल हो चुके हैं। हर बार भगवान से यही दुआ रहती थी कि बेटियों को एक भाई मिल जाए। रीतू की दो बेटियों की शादी पिछले साल नवंबर में हो चुकी है। घर की बड़ी बेटियों कल्पना, आरती, भारती और खुशी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 23-24 साल के लंबे इंतजार के बाद घर में छोटा बाबू आया है, जिसे वे शब्दों में बयां नहीं कर सकतीं।
अस्पताल में रही गहमागहमी
डिलीवरी के दौरान रीतू का ब्लड प्रेशर (BP) थोड़ा बढ़ गया था, जिससे परिवार चिंतित था। हालांकि, डॉक्टर और स्टाफ की देखरेख में डिलीवरी सामान्य हुई। परिवार की सदस्य प्रवीण देवी ने बताया कि अब जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
मौसी वीना और चाचा के परिवार ने इसे भगवान का विशेष आशीर्वाद बताया है। पूरे गांव में इस बात की चर्चा है और लोग सुरेंद्र के परिवार को शुभकामनाएं देने पहुंच रहे हैं।












