बालोद: मेला-मडई के दिन से लापता युवक का स्टॉप डैम में मिला शव, इकलौते सहारे की मौत से परिवार में छाया मातम
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बालोद: मेला-मडई के दिन से लापता युवक का स्टॉप डैम में मिला शव, इकलौते सहारे की मौत से परिवार में छाया मातम
कुसुमकसा/बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुसुमकसा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मेला-मडई के दिन से लापता 27 वर्षीय युवक प्रेमचंद ठाकुर का शव तीन दिन बाद गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर एक स्टॉप डैम में तैरता हुआ मिला। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र और चिपरा गांव में शोक की लहर है।
तीन दिन से चल रही थी तलाश
जानकारी के अनुसार, ग्राम चिपरा निवासी प्रेमचंद ठाकुर सोमवार दोपहर करीब 3 बजे से घर से लापता था। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा उसकी लगातार तलाश की जा रही थी, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल रहा था। गुरुवार दोपहर ग्रामीणों ने कुसुमकसा के पास स्थित स्टॉप डैम में एक शव को पानी के ऊपर तैरते देखा, जिसकी सूचना तुरंत दल्लीराजहरा पुलिस को दी गई।
मौके पर मिली शराब की बोतल
दल्लीराजहरा थाना प्रभारी (TI) संतोष कुमार भुआर्य ने बताया कि शव को बाहर निकालकर शिनाख्त की गई, जिसकी पहचान प्रेमचंद के रूप में हुई। पुलिस को डैम की सीढ़ी के पास एक शराब की बोतल भी मिली है। शुरुआती जांच में मामला डूबने का प्रतीत हो रहा है क्योंकि शरीर पर चोट के कोई बाहरी निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, शव तीन दिन पुराना होने के कारण मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
मां का इकलौता सहारा था प्रेमचंद
मृतक प्रेमचंद मूल रूप से डौंडी का निवासी था, लेकिन बचपन से ही अपने नाना-नानी के घर ग्राम चिपरा में रह रहा था। वह बिजली पोल लगाने का काम कर अपनी मां का भरण-पोषण करता था। पिता के निधन के बाद वह अपनी मां का इकलौता सहारा था। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो साल से उसके विवाह के लिए रिश्ता देखा जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। त्योहार के माहौल के बीच हुई इस अनहोनी ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है।










