छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में बड़ी कार्रवाई: धमतरी में समिति प्रबंधक और ऑपरेटर बर्खास्त, कई जिलों में अवैध धान और वाहन जब्त

 छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में बड़ी कार्रवाई: धमतरी में समिति प्रबंधक और ऑपरेटर बर्खास्त, कई जिलों में अवैध धान और वाहन जब्त

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में बड़ी कार्रवाई: धमतरी में समिति प्रबंधक और ऑपरेटर बर्खास्त, कई जिलों में अवैध धान और वाहन जब्त

रायपुर/धमतरी, 13 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला प्रशासनों द्वारा सख्त कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में आज धमतरी जिले की प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मोहदी में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर समिति प्रबंधक और ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

धमतरी: मिलावट और टोकन के दुरुपयोग पर गिरी गाज

प्रशासनिक टीम द्वारा मोहदी समिति के औचक निरीक्षण के दौरान धान में मिलावट, टोकन का दुरुपयोग और अवैध रूप से धान खपाने के मामले उजागर हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अन्य समितियों के लिए एक चेतावनी है ताकि किसानों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बलौदाबाजार-भाटापारा: अवैध परिवहन पर रोक

राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बिलारी (सोनाखान) में कार्रवाई करते हुए 75 कट्टा अवैध धान से लदी एक पिकअप जब्त की। जब्त वाहन और धान को सलीहा बिलाईगढ़ थाना के सुपुर्द कर दिया गया है।

सरगुजा: राइस मिलों में मिली स्टॉक की कमी

कलेक्टर के निर्देश पर राइस मिलों के भौतिक सत्यापन के दौरान ‘राजेश राइस मिल’ (खोडरी) और ‘सिद्धिविनायक राइस मिल’ (दरिमा) में धान के स्टॉक में भारी कमी पाई गई। इन मिलों के खिलाफ ‘कस्टम मिलिंग आदेश 2016’ और ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

महासमुंद: 217 कट्टा अवैध धान जब्त

महासमुंद में भी प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर कुल 217 कट्टा अवैध धान और एक पिकअप वाहन को कब्जे में लिया है। यहाँ मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

प्रशासन का संदेश:

राज्य शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि धान उपार्जन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या बिचौलियों की सक्रियता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों को ही मिले। अवैध भंडारण और परिवहन के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।