मकर संक्रांति 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर राज्यभर में पूर्ण प्रतिबंध

 मकर संक्रांति 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर राज्यभर में पूर्ण प्रतिबंध

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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मकर संक्रांति 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर राज्यभर में पूर्ण प्रतिबंध

मकर संक्रांति के पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त, पुलिस की विशेष टीमें तैनात।

चाइनीज मांझे (प्लास्टिक/सिंथेटिक धागे) के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई के निर्देश।

रायपुर।आज पूरे राज्य में मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। छतों पर पतंगबाजी और घरों में दान-पुण्य का दौर जारी है। हालांकि, इस उत्सव के बीच मानवीय जान और बेजुबान पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

चाइनीज मांझे पर सर्जिकल स्ट्राइक

त्योहार के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार ने चाइनीज मांझे (धातु या कांच मिश्रित सिंथेटिक धागा) की बिक्री और उपयोग पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा बाजारों में सघन छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई दुकानदार प्रतिबंधित मांझा बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

आम जनता के लिए एडवाइजरी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सूती धागे (सद्दी) का ही उपयोग करें। दोपहिया वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे गले में मफलर पहनें या हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, ताकि पतंग के धागे से होने वाली गर्दन की चोटों से बचा जा सके।

विशेष निगरानी और कंट्रोल रूम

भीड़भाड़ वाले इलाकों और ऊंची इमारतों पर पुलिस की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पक्षियों के बचाव के लिए वन विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि घायल पक्षियों को तत्काल उपचार मिल सके।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि उत्सव की आड़ में हुड़दंग करने वालों और प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग करने वालों के खिलाफ धारा 188 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षित संक्रांति के लिए सुझाव:

पतंग उड़ाने के लिए खुले मैदानों का चयन करें।

सड़क या बिजली के तारों के पास पतंग न उड़ाएं।

घायल पक्षी दिखने पर तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सा केंद्र को सूचित करें।