बस्तर में शांति के लिए ‘करोड़पति’ फॉर्मूला: माओवाद मुक्त गांव को मिलेंगे 1 करोड़ रुपये, डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा एलान
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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बस्तर में शांति के लिए ‘करोड़पति’ फॉर्मूला: माओवाद मुक्त गांव को मिलेंगे 1 करोड़ रुपये, डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा एलान
सुकमा। बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और खुशहाली लाने के संकल्प के साथ उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा गुरुवार को सुकमा जिले के जगरगुंडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर का भविष्य बंदूकों से नहीं, बल्कि विकास और खुशहाली से तय होगा। बैठक में उन्होंने माओवाद उन्मूलन के लिए एक क्रांतिकारी ‘करोड़पति फॉर्मूला’ पेश किया, जिसकी पूरे अंचल में चर्चा हो रही है।
हिंसा त्यागने पर गांवों पर होगी धनवर्षा
उपमुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों (गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा) और जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि जो गांव अपने सभी भटकते हुए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाएंगे और खुद को ‘सशस्त्र माओवाद हिंसा मुक्त’ घोषित करेंगे, उन्हें ‘इलवद पंचायत योजना’ के तहत 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि दी जाएगी।
इसके साथ ही, शांति बहाली में योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा:
जनपद सदस्य: 10 लाख रुपये की विकास राशि।
जिला पंचायत सदस्य: 15 लाख रुपये की विकास राशि।
बुनियादी ढांचे और स्वरोजगार पर जोर
डिप्टी सीएम ने कहा कि यह राशि सीधे गांवों के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए उपयोग की जाएगी। उन्होंने बस्तर के लिए एक नया ‘विकास मॉडल’ पेश करते हुए कहा कि अब ग्रामीण केवल वनोपज संग्राहक नहीं रहेंगे, बल्कि गांवों में ही प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर व्यवसायी और उत्पादक बनेंगे।
पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील
‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) योजना की समीक्षा करते हुए विजय शर्मा ने समाज प्रमुखों से आग्रह किया कि वे जंगलों में भटक रहे युवाओं को समझाएं और उन्हें शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर देश के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से बस्तर के गांवों में जल्द ही विकास की नई किरण पहुंचेगी।










