जगदलपुर: पिता की हत्या के आरोपी बेटे को 10 साल की सजा, कोर्ट ने माना ‘गैर इरादतन हत्या’ का मामला

 जगदलपुर: पिता की हत्या के आरोपी बेटे को 10 साल की सजा, कोर्ट ने माना ‘गैर इरादतन हत्या’ का मामला

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

******************/***********

 

 

जगदलपुर: पिता की हत्या के आरोपी बेटे को 10 साल की सजा, कोर्ट ने माना ‘गैर इरादतन हत्या’ का मामला

जगदलपुर:बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र अंतर्गत मांदरकोंटा ग्राम में हुई एक दुखद घटना में जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े ने अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने पिता की हत्या के आरोपी पुत्र मनकू सोढ़ी उर्फ राजकुमार को हत्या का दोषी न मानकर, धारा 304 (भाग-1) के तहत ‘गैर इरादतन हत्या’ का दोषी पाया है। इस मामले में आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 100 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

क्या था पूरा मामला?

यह घटना 25 नवंबर 2023 की है। जानकारी के अनुसार, मृतक लखमा सोढ़ी की पत्नी भैंस चराने गई थी, तभी भैंस तालाब की ओर भागने लगी। इस बात पर लखमा सोढ़ी ने अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज की और उसका गला दबाने लगा। बीच-बचाव करते हुए उनका बेटा मनकू सोढ़ी दोनों को घर ले गया। उसी रात जब धान की मिंजाई चल रही थी, तब लखमा सोढ़ी ने फिर से शराब के नशे में गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि मनकू ने आवेश में आकर पास रखे डंडे से अपने पिता के सिर और गले पर वार कर दिया, जिससे लखमा की मौके पर ही मौत हो गई।

न्यायालय की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े ने पाया कि आरोपी ने अपनी माँ को पिता की मारपीट से बचाने के उद्देश्य और अचानक उत्पन्न हुए आवेश में आकर वार किया था। न्यायालय ने माना कि यह कृत्य पूर्व नियोजित (Pre-planned) नहीं था। आरोपी का इरादा हत्या करना नहीं बल्कि तात्कालिक परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देना था। इसी आधार पर न्यायालय ने इसे हत्या की श्रेणी से बाहर रखते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला माना और सजा का निर्धारण किया।