छत्तीसगढ़ में ‘रासुका’ का दायरा बढ़ा: 31 मार्च 2026 तक कलेक्टरों के पास रहेगी गिरफ़्तारी की शक्ति, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

 छत्तीसगढ़ में ‘रासुका’ का दायरा बढ़ा: 31 मार्च 2026 तक कलेक्टरों के पास रहेगी गिरफ़्तारी की शक्ति, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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छत्तीसगढ़ में ‘रासुका’ का दायरा बढ़ा: 31 मार्च 2026 तक कलेक्टरों के पास रहेगी गिरफ़्तारी की शक्ति, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। गृह विभाग ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA/रासुका) के तहत जिला कलेक्टरों को प्राप्त विशेष अधिकारों की अवधि को 31 मार्च 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है।

सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर रहेगी नज़र

सरकार को मिली खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ तत्व राज्य में सांप्रदायिक मेल-मिलाप को प्रभावित कर सकते हैं और सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्टरों को 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक इन शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत किया है। इससे पहले यह अधिकार 30 सितंबर 2025 तक प्रभावी थे।

क्या है रासुका और इसके कड़े प्रावधान?

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (1980) सरकार को असाधारण शक्तियाँ प्रदान करता है। इसके तहत:

बिना वारंट गिरफ्तारी: पुलिस किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले सकती है।

एक साल तक हिरासत: आरोपी को अधिकतम एक वर्ष तक जेल में रखा जा सकता है।

तीन महीने की अनिवार्य हिरासत: कानूनविदों के अनुसार, इसमें न्यूनतम तीन माह तक हिरासत का प्रावधान है।

अपील की प्रक्रिया: हिरासत में लिया गया व्यक्ति केवल हाईकोर्ट के ‘एडवाइजरी बोर्ड’ के समक्ष ही अपनी अपील कर सकता है।

इन जिलों में लागू रहेगा आदेश

यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों के लिए प्रभावी है। इनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, सरगुजा, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कोरबा, जांजगीर-चांपा सहित सभी पुराने और नए गठित जिलों (जैसे मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सारंगढ़-बिलाईगढ़ आदि) के कलेक्टरों को शक्तियाँ सौंपी गई हैं।

प्रशासन का उद्देश्य

शासन का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करता है या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालता है, तो एनएसए (NSA) के तहत त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।