बालोद जेल के भीतर मिला ‘हमर राज पार्टी’ जिलाध्यक्ष की हत्या की प्लानिंग वाला फोन, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप

 बालोद जेल के भीतर मिला ‘हमर राज पार्टी’ जिलाध्यक्ष की हत्या की प्लानिंग वाला फोन, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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बालोद जेल के भीतर मिला ‘हमर राज पार्टी’ जिलाध्यक्ष की हत्या की प्लानिंग वाला फोन, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर हुई है। पुलिस ने जेल परिसर के भीतर से वह मोबाइल फोन बरामद कर लिया है, जिसके जरिए हमर राज पार्टी (HRP) के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू की हत्या की सुपारी दी गई थी। यह फोन जेल के बैरक नंबर-6 के सामने मिट्टी के ढेर में छिपाकर रखा गया था।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

दरअसल, हमर राज पार्टी के जिलाध्यक्ष की कार जलाने और उनकी हत्या की कोशिश के मामले में मास्टरमाइंड अश्विनी डड़सेना का सहयोगी मुकेश निर्मलकर पुलिस रिमांड पर था। पूछताछ के दौरान मुकेश ने कबूल किया कि जेल के भीतर से मोबाइल का संचालन किया जा रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जेल के भीतर तलाशी ली और मिट्टी में दबा हुआ मोबाइल फोन जब्त किया।

जेल के भीतर रची गई थी पूरी साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, जेल में बंद अश्विनी डड़सेना ने जमीन विवाद के चलते देवेंद्र साहू की हत्या की योजना बनाई थी। उसने जेल के भीतर से ही बाहरी गुर्गों को फोन कर हत्या की सुपारी दी थी। जब हमलावर हत्या करने में असफल रहे, तो उन्होंने जिलाध्यक्ष की नई कार को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया था।

संदेह के घेरे में जेल कर्मी

जेल के भीतर मोबाइल मिलने के बाद अब जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। संदेह जताया जा रहा है कि कैदी तक मोबाइल पहुँचाने में जेल कर्मियों की मिलीभगत हो सकती है। वर्तमान में हेड वार्डर जगमोहन साहू, प्रहरी अमित इक्का और हेमंत साहू जांच के दायरे में हैं।

अब तक की कार्रवाई

साक्ष्य जब्ती: पुलिस ने बरामद मोबाइल को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर ली है।

जुलूस और गिरफ्तारी: पुलिस ने इस मामले में पहले ही 5 आदतन अपराधियों को गिरफ्तार कर उनका शहर में पैदल जुलूस निकाला था।

जांच का दायरा: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मोबाइल जेल के भीतर कैसे पहुंचा और इस दौरान किन-किन अधिकारियों से बात की गई।

इस घटना ने बालोद जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे पूरे जिले में चर्चा का माहौल बना हुआ है।