रायपुर से दुर्ग के बीच जल्द दौड़ेगी मेट्रो, छत्तीसगढ़ में शुरू होगा आधुनिक परिवहन का नया अध्याय

 रायपुर से दुर्ग के बीच जल्द दौड़ेगी मेट्रो, छत्तीसगढ़ में शुरू होगा आधुनिक परिवहन का नया अध्याय
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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रायपुर से दुर्ग के बीच जल्द दौड़ेगी मेट्रो, छत्तीसगढ़ में शुरू होगा आधुनिक परिवहन का नया अध्याय
रायपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और पड़ोसी शहर दुर्ग-भिलाई के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने रायपुर से दुर्ग के बीच ‘मेट्रो लाइट’ (Metro Lite) सेवा शुरू करने की योजना को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और यात्रियों को किफायती व आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
  • रूट और स्टेशन: प्रस्तावित मेट्रो लाइन रायपुर के नवा रायपुर से शुरू होकर दुर्ग तक जाएगी। इसमें रायपुर रेलवे स्टेशन, टाटीबंध, भिलाई पावर हाउस और दुर्ग स्टेशन जैसे प्रमुख स्टॉपेज शामिल किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अनुसार, इस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 35-40 किलोमीटर होने का अनुमान है।
  • मेट्रो लाइट तकनीक: बड़े महानगरों की भारी मेट्रो के बजाय, यहाँ ‘मेट्रो लाइट’ चलाने पर विचार किया जा रहा है। यह तकनीक कम लागत में तैयार होती है और मध्यम आबादी वाले शहरों के लिए अधिक प्रभावी मानी जाती है।

  • कनेक्टिविटी: यह मेट्रो सेवा न केवल रायपुर और दुर्ग को जोड़ेगी, बल्कि नवा रायपुर (Atal Nagar) को भी मुख्य शहर से जोड़कर विकास की गति को तेज करेगी।
यात्रियों को होने वाले लाभ:
वर्तमान में रायपुर से दुर्ग के बीच रोजाना हजारों लोग सड़क मार्ग और लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं, जिससे भारी भीड़ और जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो शुरू होने से यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
वर्तमान स्थिति:
परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच फंडिंग मॉडल पर चर्चा जारी है। आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय (MoHUA) के दिशा-निर्देशों के तहत इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है।
निष्कर्ष:
रायपुर-दुर्ग मेट्रो परियोजना छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। जल्द ही निविदाएं (Tenders) आमंत्रित की जा सकती हैं, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।