अंतागढ़ में मतांतरण विवाद ने लिया हिंसक रूप: चर्चों में तोड़फोड़ और आगजनी, तनाव के बाद धारा 144 लागू

 अंतागढ़ में मतांतरण विवाद ने लिया हिंसक रूप: चर्चों में तोड़फोड़ और आगजनी, तनाव के बाद धारा 144 लागू

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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अंतागढ़ में मतांतरण विवाद ने लिया हिंसक रूप: चर्चों में तोड़फोड़ और आगजनी, तनाव के बाद धारा 144 लागू

कांकेर (अंतागढ़): छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले अंतर्गत अंतागढ़ के वनांचल क्षेत्रों में मतांतरण का मुद्दा अब एक गंभीर सामाजिक संघर्ष में तब्दील हो गया है। आमाबेड़ा क्षेत्र के ग्राम बड़े तेवड़ा में एक मतांतरित बुजुर्ग के अंतिम संस्कार को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुवार को इस कदर बढ़ा कि उग्र भीड़ ने तीन से चार चर्चों में तोड़फोड़ की और आग लगाने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने दफनाए गए शव को कब्र से बाहर निकलवा लिया है।

विवाद की जड़: बिना अनुमति कफन-दफन

विवाद की शुरुआत ग्राम पंचायत बड़े तेवड़ा के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरू राम (70 वर्ष) के निधन के बाद हुई। मृतक के परिजनों ने ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार शव को दफना दिया था। स्थानीय आदिवासी समाज का आरोप है कि गांव की पारंपरिक सहमति और अनुमति के बिना चुपचाप यह संस्कार किया गया। ग्रामीणों का तर्क है कि धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को पूर्वजों के पारंपरिक स्थल पर दफनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

हिंसक झड़प और पुलिस पर पथराव

बुधवार को जब सर्व आदिवासी समाज, ईसाई समुदाय और भीम आर्मी के लोग आमने-सामने आए, तो बहस ने हिंसक रूप ले लिया। पक्की कब्र को तोड़ने की मांग को लेकर उग्र भीड़ और पुलिस के बीच जमकर पथराव हुआ। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीड़ के उग्र तेवर के आगे पुलिस प्रशासन भी कई मौकों पर बेबस नजर आया।

प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

हालात को बेकाबू होते देख प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकलवाया, जिसे अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। जिले में यह अपनी तरह का पहला मामला नहीं है; प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, विरोध के चलते अब तक चार शवों का अंतिम संस्कार जिले की सीमा से बाहर (कोड़ेकुर्से, बेवरती और कुरना के मामले) कराया जा चुका है।

वर्तमान में पूरे आमाबेड़ा और अंतागढ़ क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से संवाद कर शांति बहाली की कोशिश कर रहा है।