रायगढ़: गारे-पेलमा कोल ब्लॉक सेक्टर-1 की जनसुनवाई रद्द करने की मांग को लेकर 14 गांवों के ग्रामीणों का आंदोलन जारी; कड़ाके की ठंड में स्कूल मैदान में डटे प्रदर्शनकारी

 रायगढ़: गारे-पेलमा कोल ब्लॉक सेक्टर-1 की जनसुनवाई रद्द करने की मांग को लेकर 14 गांवों के ग्रामीणों का आंदोलन जारी; कड़ाके की ठंड में स्कूल मैदान में डटे प्रदर्शनकारी

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

 

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रायगढ़: गारे-पेलमा कोल ब्लॉक सेक्टर-1 की जनसुनवाई रद्द करने की मांग को लेकर 14 गांवों के ग्रामीणों का आंदोलन जारी; कड़ाके की ठंड में स्कूल मैदान में डटे प्रदर्शनकारी

रायगढ़, छत्तीसगढ़: रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में प्रस्तावित गारे-पेलमा कोल ब्लॉक सेक्टर-1 की जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों का विरोध पिछले दो दिनों से जारी है। तकरीबन 14 गांवों के ग्रामीण जनसुनवाई को निरस्त (रद्द) करने की मांग को लेकर धौराभांठा स्कूल मैदान में आंदोलन पर बैठे हुए हैं।

आक्रोश की मुख्य वजह:

सोमवार को जिंदल पावर लिमिटेड को आवंटित कोयला खदान की जनसुनवाई धौराभांठा मैदान में होनी है, जिसका ग्रामीण पुरजोर विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का मुख्य आक्रोश क्षेत्र में प्रदूषण के बढ़ते स्तर, भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और जल-जंगल-जमीन के तेजी से हो रहे विनाश को लेकर है। उनका कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे और नए कोयला खदान का विरोध जारी रखेंगे।

आंदोलन में शामिल गांव:

इस आंदोलन में झरना, आमगांव, कोसमपाली, पतरापाली, जांजगीर, गोढ़ी, कसडोल, महलोई, सरसमाल समेत लगभग 14 गांवों के लोग शामिल हैं।

ठंड में भी डटे हैं ग्रामीण:

आंदोलनकारी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार शाम से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद से सभी ग्रामीण स्कूल मैदान में ही हैं, यहीं उनका खाना बन रहा है और वे कड़ाके की ठंड के बावजूद रात यहीं बिता रहे हैं।

पहले भी स्थगित हुई थी जनसुनवाई:

ग्रामीणों ने इस कोल ब्लॉक को लेकर पहले भी आंदोलन किया था और रैली निकालकर विरोध जताया था, जिसके बाद प्रशासन को जनसुनवाई स्थगित करनी पड़ी थी। अब जब फिर से तारीख तय हो गई है, तो ग्रामीणों ने अपना आंदोलन फिर से शुरू कर दिया है। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और जनसुनवाई रद्द करने की मांग कर रहे हैं।