दुर्ग में विवाह समारोहों पर प्रशासन का कड़ा रुख: ध्वनि प्रदूषण, ट्रैफिक जाम पर सख्त कार्रवाई

 दुर्ग में विवाह समारोहों पर प्रशासन का कड़ा रुख: ध्वनि प्रदूषण, ट्रैफिक जाम पर सख्त कार्रवाई

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार

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दुर्ग में विवाह समारोहों पर प्रशासन का कड़ा रुख: ध्वनि प्रदूषण, ट्रैफिक जाम पर सख्त कार्रवाई

दुर्ग,। दुर्ग जिले में विवाह और अन्य आयोजनों के कारण होने वाले ध्वनि प्रदूषण और सड़क यातायात अवरोध पर प्रशासन अब सख्त हो गया है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने संगीत सिस्टम संचालकों और मांगलिक भवन प्रबंधकों के साथ एक संयुक्त बैठक की, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए।

ध्वनि सीमा और समय प्रतिबंध

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन केवल क्षेत्रीय ध्वनि मानक के भीतर ही किया जाए। ध्वनि स्तर अधिकतम 10 डीबी(ए) या 75 डीबी(ए) की सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।।

रात्रि कर्फ्यू: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे और किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

वाहन-आधारित डीजे पर रोक: वाहनों पर लगे डीजे या उच्च ध्वनि वाले किसी भी उपकरण के उपयोग को पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है।।

सड़क अवरोध और पार्किंग पर सख्ती

प्रशासन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कोई भी आयोजन सार्वजनिक सड़क मार्ग को अवरुद्ध न करे या आमजन को असुविधा न पहुंचाए।।

पार्किंग अनिवार्य: सभी मांगलिक भवन संचालकों को परिसर के भीतर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मेहमान सड़क पर वाहन खड़ा करने के लिए मजबूर न हों।

अनुमति रद्द: यदि किसी आयोजन में सार्वजनिक मार्ग बाधित होता है, तो आयोजन की अनुमति स्वतः ही निरस्त मानी जाएगी।

उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

नियमों की अवहेलना करने पर संबंधित व्यक्तियों और संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी:

प्राथमिकी (FIR): नियमों के उल्लंघन पर डीजे संचालक और आयोजन स्थल संचालक दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

जब्ती और सीलिंग: नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर डीजे उपकरण, वाहन जब्त किए जाएंगे और स्थिति गंभीर होने पर मांगलिक भवन को सील कर दिया जाएगा।

आयोजक पर कार्रवाई: सड़क बाधित होने या आमजन को असुविधा होने पर सीधे आयोजक पर भी कार्रवाई होगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय संपत्तियों और सार्वजनिक सुविधाओं का उपयोग बिना पूर्व अनुमति के किसी भी आयोजन के लिए नहीं किया जा सकेगा। यह सख्ती शहर में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।