दुर्ग नगर निगम की सख्ती: संपत्ति का सही विवरण दें, गलत जानकारी पर लगेगा 5 गुना जुर्माना
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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दुर्ग नगर निगम की सख्ती: संपत्ति का सही विवरण दें, गलत जानकारी पर लगेगा 5 गुना जुर्माना
दुर्ग, दुर्ग नगर निगम (Durg Municipal Corporation) ने शहर की अचल संपत्तियों का सटीक डेटाबेस तैयार करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। निगम द्वारा जारी आदेश के तहत, सभी नगरवासियों को अपनी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों – घर, दुकान और खाली प्लॉट – का विस्तृत और सही विवरण अनिवार्य रूप से निगम के साथ साझा करना होगा।
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर संपत्ति के आंकड़ों को सुव्यवस्थित करना है, जिससे भविष्य में नगर नियोजन, संपत्ति कर (Property Tax) संग्रह और बुनियादी ढाँचे के विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
गलत जानकारी पर भारी पेनाल्टी
निगम अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस आदेश को हल्के में न लिया जाए। यदि कोई भी नागरिक जानबूझकर गलत, भ्रामक या अधूरी जानकारी दर्ज करता है, तो उस पर तत्काल प्रभाव से संपत्ति कर का 5 गुना जुर्माना (5-fold penalty) लगाया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि जुर्माना माफी का प्रावधान किसी भी मामले में लागू नहीं होगा। इस सख्ती का मकसद नागरिकों में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करना है, ताकि डेटाबेस की सटीकता बनी रहे। संपत्ति के आंकड़ों का सत्यापन नियमित रूप से किया जाएगा।
विवरण जमा करने की प्रक्रिया
नागरिकों की सुविधा के लिए, नगर निगम ने विवरण जमा करने के दो तरीके बताए हैं:
ऑनलाइन पोर्टल: नागरिक निगम के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवश्यक जानकारी और दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। इसमें संपत्ति की नवीनतम फोटो, नक्शा और अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।
निगम कार्यालय: जो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, वे सीधे नगर निगम कार्यालय में संबंधित डेस्क पर जाकर अपने दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। यहाँ दस्तावेजों की जांच के बाद विवरण दर्ज किया जाएगा।
नगरवासियों से अपील और चेतावनी
निगम ने सभी संपत्ति मालिकों से जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करने की अपील की है।
चेतावनी दी गई है कि जिन लोगों ने अभी तक अपना विवरण जमा नहीं किया है, वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। पेनाल्टी माफ करने का अधिकार किसी भी अधिकारी के पास नहीं है, इसलिए सभी नागरिक गंभीरता से इस निर्देश का पालन करें।
इस पहल से निगम को उम्मीद है कि टैक्स कलेक्शन में पारदर्शिता आएगी और शहर के विकास कार्यों के लिए बेहतर संसाधन जुटाए जा सकेंगे।








