तोमर बंधुओं के मामले में करनी सेना का नया रुख: जांच में नहीं देगी दखल, महिलाओं को अपमानित करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए 7 दिसंबर को रायपुर में होगी महापंचायत
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
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तोमर बंधुओं के मामले में करनी सेना का नया रुख: जांच में नहीं देगी दखल, महिलाओं को अपमानित करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए 7 दिसंबर को रायपुर में होगी महापंचायत
जांजगीर-चांपा/रायपुर, । छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में तोमर बंधुओं की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुए विवाद में करनी सेना (Karni Sena) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत (Dr. Raj Shekhawat) ने नया बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि करनी सेना तोमर बंधुओं के खिलाफ चल रही पुलिस जांच में किसी भी तरह का दखल नहीं देगी, लेकिन पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ कथित तौर पर किए गए दुर्व्यवहार और उन्हें अपमानित करने के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर 7 दिसंबर 2025 को रायपुर में एक विशाल ‘क्षत्रिय स्वाभिमान न्याय महापंचायत’ (Kshatriya Swabhiman Nyay Mahapanchayat) का आयोजन करेगी।
तोमर बंधु मामले में करनी सेना का रुख
डॉ. राज शेखावत ने अपने बयान में कहा कि कानून अपना काम करे और तोमर बंधुओं के खिलाफ लगे सूदखोरी समेत अन्य आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। करनी सेना इस जांच प्रक्रिया में बाधा नहीं डालेगी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सिर्फ आरोप लगने से कोई दोषी नहीं हो जाता, दोष साबित होने पर ही कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
करनी सेना का मुख्य फोकस अब उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करवाना है, जिन पर वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के दौरान उनके घर में घुसकर महिलाओं के साथ बदसलूकी और अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप है। इस घटना से करनी सेना और अन्य क्षत्रिय संगठनों में भारी आक्रोश है। शेखावत ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि तोमर परिवार को न्याय नहीं मिला, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
रायपुर में महापंचायत की तैयारी
महिलाओं के अपमान के खिलाफ आवाज उठाने और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर 7 दिसंबर को रायपुर में एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है। इस आयोजन की अध्यक्षता पीड़ित परिवार द्वारा की जाएगी और इसमें प्रदेश भर से करनी सेना के कार्यकर्ता और अन्य क्षत्रिय समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
गिरफ्तारी और जमानत
गौरतलब है कि डॉ. राज शेखावत ने पुलिस और एसएसपी को धमकी देने के आरोप में अपने खिलाफ रायपुर के मौदहापारा थाने में दर्ज एफआईआर के मामले में 19 नवंबर 2025 को गिरफ्तारी दी थी, जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा था कि वह गिरफ्तारी देने आए थे और अब जमानत लेकर वापस जा रहे हैं, लेकिन 7 तारीख का आयोजन (महापंचायत) तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।
इस मामले ने छत्तीसगढ़ पुलिस और करनी सेना के बीच तनाव बढ़ा दिया है, और सबकी निगाहें 7 दिसंबर को होने वाली महापंचायत पर टिकी हैं।







