साय कैबिनेट के अहम फैसले: धान खरीदी के लिए अतिरिक्त गारंटी, फ्लैट्स की बिक्री में छूट और आवास योजना को मंजूरी
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार
++++++++++++++++++++++++++
साय कैबिनेट के अहम फैसले: धान खरीदी के लिए अतिरिक्त गारंटी, फ्लैट्स की बिक्री में छूट और आवास योजना को मंजूरी
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (14 नवंबर 2025) हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है, जिनका सीधा असर किसानों, व्यापारियों और आवास चाहने वालों पर पड़ेगा। उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक के बाद फैसलों की जानकारी दी।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं:
धान खरीदी के लिए वित्तीय व्यवस्था: राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से ₹15,000 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति को पुनर्वैधीकरण किया गया है। साथ ही, विपणन संघ को ₹11,200 करोड़ की अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
आवास योजना को बढ़ावा: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 1 लाख 32 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए कुल ₹3,938.80 करोड़ के अनुदान का अनुमोदन किया गया। इसमें अनिवार्य राज्यांश और अतिरिक्त राज्यांश शामिल है, जो मकान पूर्ण होने या गृह प्रवेश पर दिया जाएगा।
खाली फ्लैट्स की बिक्री में छूट: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा निर्मित 5 वर्ष से अधिक समय से नहीं बिके हुए आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को बेचने के लिए एकमुश्त निपटान योजना के तहत लागत मूल्य (बेस रेट) पर 10% से 30% तक की छूट देने का निर्णय लिया गया है।
दिव्यांग खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता: कैबिनेट ने अभनपुर के दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू राम साहू को व्हीलचेयर और खेल सामग्री खरीदने के लिए ₹90,000 की तत्काल आर्थिक अनुदान राशि स्वीकृत की।
लंबित राजस्व मामलों का निपटारा: राजस्व मामलों के लंबित होने को गंभीरता से लेते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नामांतरण बंटवारा और अभिलेखों के अद्यतनीकरण सहित सभी राजस्व मामलों का निपटारा निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए।
जीएसटी और भू-राजस्व संशोधन: छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 और छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया, जिससे कर प्रणाली और भूमि संबंधी प्रक्रियाएं सरल होंगी।
स्टार्टअप नीति और लॉजिस्टिक हब: राज्य में स्टार्टअप नीति को मंजूरी दी गई और लॉजिस्टिक हब के विकास से संबंधित प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली।








