छत्तीसगढ़ सुकमा नक्सली हमले में शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की पत्नी स्नेहा गिरेपुजे बनीं डीएसपी मिली अनुकंपा नियुक्ति पुलिस अकादमी चंद्रखुरी में पदस्थापना

 छत्तीसगढ़ सुकमा नक्सली हमले में शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की पत्नी स्नेहा गिरेपुजे बनीं डीएसपी मिली अनुकंपा नियुक्ति पुलिस अकादमी चंद्रखुरी में पदस्थापना

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार                         +++++++++++++++++++

सुकमा नक्सली हमले में शहीद एएसपी आकाश राव गिरेपुजे की पत्नी स्नेहा गिरेपुजे को छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति दी है। अब वे पुलिस अकादमी चंद्रखुरी में डीएसपी के रूप में सेवा देंगी। यह कदम शहीद परिवारों के प्रति सरकार की संवेदना और सम्मान का प्रतीक है।

 

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सली हमले में शहीद हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपुंजे के परिजनों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी पत्नी स्नेहा गिरपुंजे को अनुकंपा नियुक्ति दी है। स्नेहा गिरेपुजे अब पुलिस अकादमी चंद्रखुरी में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के रूप में पदस्थ की गई हैं। यह फैसला न केवल एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि राज्य पुलिस बल के उन जांबाज शहीदों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है जिन्होंने देश और प्रदेश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

सुकमा हमले में शहीद हुए थे ASP आकाश राव गिरपुंजे

साल 2021 में सुकमा जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान ASP आकाश राव गिरपुंजे वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनकी शहादत ने पूरे पुलिस विभाग और प्रदेश को झकझोर दिया था। आकाश राव की बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति ने उन्हें प्रदेश पुलिस इतिहास में अमर कर दिया। अब उनकी पत्नी स्नेहा गिरपुंजे उसी राह पर चलते हुए पुलिस सेवा में कदम रख रही हैं, जो उनके पति का सपना था।

DSP के रूप में दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि

गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्नेहा गिरपुंजे को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर DSP पद पर नियुक्त किया गया है। इस अवधि के दौरान उन्हें पुलिस अकादमी द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण के पश्चात ली जाने वाली परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उनकी वरिष्ठता का निर्धारण किया जाएगा। यदि कोई प्रशिक्षु अधिकारी परीक्षा में असफल रहता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है।

चरित्र और चिकित्सा परीक्षण के बाद अंतिम नियुक्ति

नियुक्ति आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्नेहा गिरपुंजे को एक माह के भीतर चरित्र एवं चिकित्सा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी भी प्रकार की विसंगति या विपरीत तथ्य सामने आते हैं, तो नियुक्ति स्वतः निरस्त की जा सकेगी। यह प्रक्रिया राज्य शासन के सेवा नियमों के अनुरूप है, जिससे पारदर्शिता और प्रशासनिक शुचिता बनी रहे।