छत्तीसगढ़ की कोरबा जिला में अमानवीय कृत्य थैली के अंदर बाड़ी से मिला नवजात ,बच्चे को अस्पताल भर्ती कराया गया

 छत्तीसगढ़ की कोरबा जिला में अमानवीय कृत्य थैली के अंदर बाड़ी से मिला नवजात ,बच्चे को अस्पताल भर्ती कराया गया

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार चौधरी

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कोरबा में बाड़ी से मिला नवजात किसान को सुनाई दी रोने की आवाज, थैली में मिला 1.7 किलो का बच्चा; अस्पताल में भर्ती

कोरबा।छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के डोंगनाला गांव के एक किसान की बाड़ी से एक थैली में लिपटा नवजात शिशु मिला। उसके शरीर पर कीड़ों और चींटियों के काटने के निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि नवजात का जन्म कुछ घंटे पहले ही हुआ है। फिलहाल नवजात जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है।

 

यह मामला पाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, डोंगनाला गांव में किसान सत्ते सिंह मरकाम की बाड़ी से लगे खेत के पास सुबह करीब 11 बजे खेत में काम कर रहे किसानों को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वे आवाज की दिशा में पहुंचे, तो देखा कि एक प्लास्टिक की थैली में नवजात शिशु पड़ा हुआ था और जोर-जोर से रो रहा था।

यह देखकर किसान और ग्रामीण हैरान रह गए। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। तुरंत 108 एंबुलेंस और पाली थाना पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद नवजात को 108 एंबुलेंस की मदद से पाली स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

 

 

ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की

कुछ घंटे पहले नवजात का हुआ था जन्म

 

स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, नवजात की उम्र कुछ ही घंटे की लग रही है और उसे जन्म के तुरंत बाद थैली में डालकर खेत में फेंका गया था। उसके शरीर पर कीड़ों और चींटियों के काटने के निशान मिले हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह कई घंटे से वहां पड़ा था।

ग्रामीणों में आक्रोश

 

गांव के लोग इस घटना से गुस्से हैं। उनका कहना है कि यह अमानवीय कृत्य किसी निर्दयी मां या परिवार द्वारा किया गया हो सकता है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि गांव में इस तरह की यह पहली घटना है।

 

 

 

स्वास्थ्य केंद्र में नवजात सुरक्षित, जिला अस्पताल रेफर

 

विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल सराफ ने बताया कि नवजात बालक है, जिसका वजन लगभग 1.7 किलोग्राम है और उसकी स्थिति अभी स्थिर है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर देखभाल के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

 

पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच

 

पाली थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। नवजात को प्राथमिक इलाज के बाद जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों की जांच कर रही है ताकि इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपी तक पहुंचा जा सके।