आज सुबह से लेकर रात तक इन 9 शुभ मुहूर्त में करें जन्माष्टमी पूजा, जानें चौघड़िया मुहूर्त
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक वीरेंद्र कुमार चौधरी
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आज सुबह से लेकर रात तक इन 9 शुभ मुहूर्त में करें जन्माष्टमी पूजा, जानें चौघड़िया मुहूर्त
रायपुर।16 अगस्त, शनिवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन मध्यरात्रि के समय रोहिणी नक्षत्र में विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। आज श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करेंगे। आधी रात तक में भजन-कीर्तन का गायन होगा। रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की का जयघोष गूंजेगा। लड्डू गोपाल का अभिषेक कर पालना झुलाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती होगी। आइए जानते हैं आज दिनभर पूजा के शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का शुभ समय-
पंचांग के अनुसार, इस साल उदयव्यापिनी अष्टमी के हिसाब से जन्माष्टमी व्रत एवं पूजा 16 अगस्त को होगी। इसी दिन गोकुलाष्टमी और मोहरात्रि निशीथ शक्तिपूजन भी श्रेष्ठ रहेगा।
अष्टमी तिथि प्रारम्भ – अगस्त 15, 2025 को 11:49 पी एम बजे
अष्टमी तिथि समाप्त – अगस्त 16, 2025 को 09:34 पी एम बजे
रोहिणी नक्षत्र प्रारम्भ – अगस्त 17, 2025 को 04:38 ए एम बजे
रोहिणी नक्षत्र समाप्त – अगस्त 18, 2025 को 03:17 ए एम बजे
पारण समय: 05:51 ए एम, अगस्त 17 के बाद
आज सुबह से लेकर रात तक इन 9 शुभ मुहूर्त में करें जन्माष्टमी पूजा, जानें चौघड़िया मुहूर्त
शुभ – उत्तम 07:29 ए एम से 09:08 ए एम
चर – सामान्य 12:25 पी एम से 02:04 पी एम
लाभ – उन्नति 02:04 पी एम से 03:42 पी एम वार वेला
अमृत – सर्वोत्तम 03:42 पी एम से 05:21 पी एम
लाभ – उन्नति 06:59 पी एम से 08:21 पी एम
शुभ – उत्तम 09:42 पी एम से 11:04 पी एम
अमृत – सर्वोत्तम 11:04 पी एम से 12:25 ए एम, अगस्त 17
चर – सामान्य 12:25 ए एम से 01:47 ए एम, अगस्त 17
लाभ – उन्नति 04:30 ए एम से 05:51 ए एम, अगस्त 17
भोग: भगवान श्रीकृष्ण के भोग में दही, माखन, मिश्री और मोदक अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मध्यरात्रि में पंचामृत का भोग लगाना जरूरी माना जाता है। पंचामृत दूध, दही, घी, गंगाजल, शहद और मेवों से तैयार किया जाता है







