छत्तीसगढ़ में पकड़ाए अवैध बांग्लादेशी लोगों को केंद्र सरकार केआदश से बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स,,(BSF) पहुंचगी बांग्लादेश
राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान साथ वीरेंद्र कुमार चौधरी
****************************************
सरकार से मिली मंजूरी, इसी सप्ताह बॉर्डर पर छोड़कर आएगी पुलिस, BSF पहुंचाएगी घर|
रायपुर।छत्तीसगढ़ में पहली बार टिकरापारा इलाके में पकड़े गए 10 अवैध बांग्लादेशियों को इस सप्ताह उनके देश वापस भेज दिया जाएगा। केंद्र सरकार से अवैध घुसपैठियों को भेजने की मंजूरी मिल गई है। रायपुर पुलिस उन्हें बांग्लादेश बॉर्डर तक लेकर जाएगी। वहां सभी को बीएसएफ को सौंप दिया जाएगा। बीएसएफ उन्हें उनके घर भेज देगी।
चर्चा है कि सभी बांग्लादेशियों को ट्रेन से हावड़ा ले जाएगा। फिर वहां से असम में बीएसएफ को सौंप दिया जाएगा। 16-20 जुलाई के बीच इन्हें भेजने की तैयारी है। अधिकारी सुरक्षा की दृष्टिकोण से इन्हें ट्रेन के अलावा बाय रोड भी ले जाने पर विचार कर रही है। इस संबंध में फैसला सरकार स्तर पर लिया जाएगा। रायपुर के अलावा दुर्ग, राजनांदगांव और रायगढ़ से भी बांग्लादेशियों को भेजने की तैयारी है।
मिली जानकारी के अनुसार सीएसपी पुरानी बस्ती राजेश देवांगन के नेतृत्व में एक टीम अवैध रूप से रायपुर में रहने वाले 10 बांग्लादेशियों को लेकर जाएगी। इन्हें पश्चिम बंगाल या फिर असम में बीएसएफ को सौंपा जाएगा। बांग्लादेशियों को आगे भेजने की जिम्मेदारी बीएसएफ की होगी।
बांग्लादेशी नागरिक के घर से पुलिस ने इन सरकारी दस्तावेजों को जब्त किया है।
बांग्लादेशी नागरिक के घर से पुलिस ने इन सरकारी दस्तावेजों को जब्त किया है।
भारत-बांग्लादेश की बॉर्डर पर बीएसएफ तैनात
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ तैनात है। बॉर्डर की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी है। इसलिए केंद्र सरकार ने उन्हें ही जिम्मेदारी दी है। इसलिए बांग्लादेश दूतावास से भी चर्चा चल रही है। उन्हें इस संबंध में जानकारी भी भेजी गई है।
जिनके ऊपर केस, उनको बाद में भेजा जाएगा
जिनके खिलाफ केस दर्ज है। उन्हें मामले की सुनवाई पूरी होने तक यहीं रहना होगा। कोर्ट के फैसले के बाद ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा। रायपुर में 6 बांग्लादेशियों के खिलाफ केस दर्ज है। इसमें तीन भाई, एक दंपती और उसकी नाबालिग बेटी शामिल है।
दुर्ग में भी 7 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज है। राजनांदगांव में चोरी के मामले में बांग्लादेशी बंद है। जबकि रायपुर में 10 बांग्लादेशियों पर केस दर्ज नहीं किया है। उन्हें प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल में रखा गया है।






