मोदी मेरा खाला का बेटा है’, युद्ध के टेंशन के बीच पाक राजनेता का बयान वायरल ,पाकिस्तान के नेता पीएम मोदी पर अजीबो गरीब बयान

 मोदी मेरा खाला का बेटा है’, युद्ध के टेंशन के बीच पाक राजनेता का बयान वायरल ,पाकिस्तान के नेता पीएम मोदी पर अजीबो गरीब बयान

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार

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‘मोदी मेरा खाला का बेटा है’, युद्ध के टेंशन के बीच पाक राजनेता का बयान वायरल ,पाकिस्तान के नेता पीएम मोदी पर अजीबो गरीब बयान

 

इस्लामाबाद। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच राजनयिक तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान के नेशनल असेंबली सदस्य शेर अफजल खान मर्वत का एक विवादित बयान सामने आया है। यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

 

उनसे पूछा गया कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ती है तो वे क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि अगर जंग बढ़ जाती है, तो मैं इंग्लैंड चला जाऊंगा।

 

यह 24 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। लोगों ने मर्वत के बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। पाकिस्तान के नेताओं पर संकट के समय देश छोड़ने की मानसिकता रखने का आरोप लगाया है।

 

मोदी पर भी कसा तंज

इसी वीडियो में मर्वत से यह भी पूछा गया कि क्या वे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संयम बरतने की अपील करेंगे? इस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदी मेरा खाला का बेटा है, जो मेरे कहने से पीछे जाएगा? इस बयान ने सोशल मीडिया पर पहले से चल रही बहस को और भड़का दिया है।

 

कौन हैं शेर अफजल खान मर्वत?

शेर अफजल खान मर्वत पेशे से वकील और अब राजनेता हैं। वे 29 फरवरी 2024 से पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य हैं। खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मर्वत जिले के बेगू खेल क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले मर्वत ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। वे वकालत में आए। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान समेत कई पीटीआई नेताओं के वकील रहे।

 

2008 में उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) से राजनीतिक सफर शुरू किया, लेकिन 2017 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) में शामिल हो गए। 2018 में वे चुनाव हार गए थे, लेकिन नवंबर 2023 में उन्हें पीटीआई का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया। अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाने वाले मर्वत हाल ही में पार्टी के भीतर आलोचना के चलते कारण बताओ नोटिस भी पा चुके हैं।

 

तनावपूर्ण हालात में आया बयान

एलओसी पर लगातार दसवीं रात संघर्ष विराम उल्लंघन के बीच मर्वत का यह बयान आया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान के नेता खुद अपनी सेना पर भरोसा नहीं करते? सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मर्वत के बयान को ‘कायरता की मिसाल’ बताया है। राष्ट्रीय भावना की कमी पर सवाल उठाए हैं।