सीजी-ई-स्कैरेप्शन व ऑटो से हो रहा है सड़क जाम, परिवहन सचिव ने ली कॉलम, मॉनिटरिंग, रेगुलेशन और नियंत्रण पर चर्चा

 सीजी-ई-स्कैरेप्शन व ऑटो से हो रहा है सड़क जाम, परिवहन सचिव ने ली कॉलम, मॉनिटरिंग, रेगुलेशन और नियंत्रण पर चर्चा

राज्य ब्यूरो मोहम्मद आसिफ खान संपादक बीरेंद्र कुमार चौधरी

 

 

रायपुर, । ई-इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑटो के कारण जनरेट की गई ट्रैफिक कंपनियां उनके एवं समाधान से संबंधित विषयों पर परिवहन सचिव सह आयुक्त एस.प्रकाश के पास आज मंत्रालय मुख्यालय रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. अविश्वासी भी उपस्थित थे।

 

ई-क्रेसी एवं ऑटो की संख्या में निरंतर वृद्धि को देखते हुए सुगमता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि जिलेवार परिवहन कार्यालय में पंजीकृत ई-रिज़र्वेशन (गुड एवं पैसेंजर) की संख्या क्रमशः रायपुर 13374, बिलासपुर 4493, दुर्ग 4038, अम्बिकापुर 1311, जगदलपुर 41, इसी प्रकार पंजीकृत ऑटो (गुड एवं पैसेंजर) की संख्या रायपुर 20306, बिलासपुर 14867, दुर्ग 9602, अम्बिकापुर 4429, जगदलपुर 3431 है। संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। बिना मॉनिटरिंग एवं रेगुलेशन के इन कंट्रोल की समस्या पर चर्चा की गई।

 

जिला प्रशासन रायपुर ने जोनवार योजना बनाई

बैठक में रायपुर जिला प्रशासन द्वारा निर्मित ई-कैरप एवं ऑटो के सहायक उपयोगिता कार्यान्वयन योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। रायपुर प्रशासन जिले द्वारा रायपुर शहर को मुख्य रूप से 05 जोन में विभक्त कर योजना बनाई गई है।

 

ई-कलाकार केंद्र एवं राज्य में मॉडल अधिनियम एवं संशोधन पर चर्चा

बैठक में ई-क्रेसी डिजाइन केंद्र एवं राज्य में नमूना अधिनियम एवं डिजाइन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त राज्य शासन एवं जिला प्रशासन को प्राप्त शक्तियों के विस्तार पर चर्चा की गई। उपस्थित अछूत के अधिकारियों से विशेष रूप से उनके स्कूटर में ई-स्क्रीन और ऑटो के कारण उत्पन्न होने वाले तूफान के बारे में जानकारी ली गई।

 

समस्या के समाधान के लिए जादूगर ने सुझाव दिया

बैठक में ई-क्राइब और ऑटो पंजीकरण में राष्ट्रीय वृद्धि एवं समस्या के समाधान के लिए किसी भी प्रकार का प्रस्ताव, सलाह जिला सड़क सुरक्षा समिति या जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सड़क सुरक्षा समिति या परिवहन विभाग के पास की मांग की गई है।